Exam Paper Leak Law : पेपर लीक के मामलों पर सख्ती बढ़ाते हुए राष्ट्रपति ने प्रश्नपत्र लीक रोधी संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही अब पेपर लीक से जुड़े मामलों में सजा और जुर्माने के प्रावधान पहले से कहीं अधिक कठोर हो गए हैं. नए कानून के तहत दोषियों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा. साथ ही मामलों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर करने का भी प्रावधान किया गया है.
नए कानून के अनुसार, हर राज्य में पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे. इन अदालतों में रोजाना सुनवाई होगी और 90 दिनों के भीतर ट्रायल पूरा कर फैसला सुनाने का लक्ष्य रखा गया है.
सजा और जुर्माना दोनों बढ़ाए गए
संशोधित कानून के तहत अब पेपर लीक के दोषियों को 5 से 10 साल तक की सजा हो सकती है. इससे पहले 2024 के कानून में 3 से 5 साल की सजा का प्रावधान था.
जुर्माने की राशि भी 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई है. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य पेपर लीक के पूरे नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई करना है.
2 महीने में पूरी होगी जांच
नए संशोधन के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी. पहले जांच पूरी करने के लिए कोई तय समय सीमा नहीं थी. इसके अलावा अब ऐसे मामलों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया जाएगा. पहले इन मामलों की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी करती थी.
वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विधेयक को परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में अहम कदम बताया था, उन्होंने कहा था कि इस कानून का उद्देश्य पेपर लीक के पूरे नेटवर्क को खत्म करना और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, विश्वसनीयता तथा निष्पक्षता को मजबूत करना है.
उन्होंने लोकसभा से विधेयक पारित होने के बाद कहा था कि नए प्रावधानों में सख्त सजा, त्वरित अदालत, बेहतर जांच व्यवस्था और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है.
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