US Iran War : ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। इस हमले में कई अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं और दो MQ-9 रीपर ड्रोन भी ध्वस्त कर दिया हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि गुरुवार सुबह उनके बलों ने अमेरिकी एयर बेस को निशाना बनाया, जहां से रात में ईरान के दक्षिणी हिस्से, विशेषकर बंदर अब्बास क्षेत्र में हमले किए गए थे। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह कार्रवाई “आक्रामक अमेरिकी हमले” का जवाब थी।
MQ-9 रीपर ड्रोन को भारी नुकसान
अमेरिकी अधिकारियों ने भी हमले की पुष्टि की है और बताया कि पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान ने कुवैत स्थित ‘अली अल सलेम एयर बेस’ पर बैलिस्टिक मिसाइल (फतेह-110) दागी। कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइल को हवा में रोक लिया, लेकिन मलबा एयर बेस के भीतर गिरने से सैनिक घायल हुए। अमेरिकी दो महत्वपूर्ण MQ-9 रीपर ड्रोन को भारी नुकसान पहुंचा है, जिनमें से एक पूरी तरह नष्ट और एक अन्य गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। इन ड्रोन की कीमत लगभग 3 करोड़ डॉलर है और ये अमेरिकी खुफिया और स्ट्राइक ऑपरेशनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अंतिम फैसला नहीं
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में अपने सलाहकारों के साथ बैठक की, लेकिन ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ट्रम्प केवल ऐसे समझौते को मंजूरी देंगे जो उनकी शर्तों और ईरान की परमाणु गतिविधियों पर नियंत्रण की मांग को पूरा करता हो।
अमेरिकी और ईरानी वार्ताकार की बातचीत
इस घटना के समय से एक दिन पहले मीडिया में खबर आई थी कि अमेरिकी और ईरानी वार्ताकार एक प्रारंभिक समझौते पर सहमत हुए हैं, जिसमें वर्तमान नाजुक युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता पुनः शुरू करने का प्रावधान है।
ये भी पढ़ें- उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट, 31 लोगों की मौत, 3 दिन तक मौसम बने रहने के आसार
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









