Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में बड़ा नक्सली सरेंडर, 47 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ से जुड़े सीपीआई (माओवादी) संगठन के 47 सक्रिय कैडरों ने शनिवार को तेलंगाना में आत्मसमर्पण कर दिया। सभी ने राज्य के पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी के सामने सरेंडर किया। इन सरेंडर करने वालों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े वरिष्ठ सदस्य हेमला इय्थु उर्फ विज्जा भी शामिल हैं, जो साउथ बस्तर डिविजनल कमेटी में अहम भूमिका निभा रहे थे।

सुरक्षा बलों को सौंपे गए हथियार

आत्मसमर्पण करने वालों में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) के 4 सदस्य, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के 28 सदस्य और साउथ बस्तर की 9वीं और 30वीं प्लाटून से जुड़े 15 सदस्य शामिल हैं। इन सभी ने सरेंडर के साथ 32 हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंपे हैं।

AK-47 समेत अन्य हथियार शामिल

बरामद हथियारों में एक लाइट मशीन गन (LMG), चार AK-47 राइफल, तीन SLR, दो INSAS राइफल, 12 सिंगल शॉट गन, एक 9 एमएम पिस्टल, एक रिवॉल्वर समेत अन्य हथियार शामिल हैं। इसके अलावा 500 से ज्यादा जिंदा कारतूस भी जमा कराए गए हैं।

2009 से संगठन में था सक्रिय

अधिकारियों के मुताबिक, इस बड़ी कार्रवाई के बाद साउथ बस्तर डिविजनल कमेटी लगभग निष्क्रिय होने की स्थिति में पहुंच गई है, क्योंकि इसके अधिकांश प्रमुख सदस्य अब सरेंडर कर चुके हैं या सक्रिय नहीं हैं। हेमला इय्थु ने 2004 में माओवादी संगठन जॉइन किया था, जबकि 9वीं प्लाटून के कमांडर पोडियम लाछू उर्फ मनोज 2009 से संगठन में सक्रिय था।

अभियान में सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता

सरेंडर करने वाले इन सभी कैडरों पर कुल मिलाकर 1 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। सरकार की नीति के तहत इन्हें पात्रता के अनुसार कुल 1.50 करोड़ रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। फिलहाल सभी को 25-25 हजार रुपये की अंतरिम सहायता दी गई है, जबकि शेष राशि औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाएगी। इस आत्मसमर्पण को नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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