Cockroach Janata Party Protest : अभिजीत दीपके इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में हैं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक के रूप में पहचान बनाने वाले दीपके ने कुछ ही समय में लाखों युवाओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। आम-जन से लेकर देश की सरकारों तक इनकी चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में सभी जानना चाहते है की आखिर अभिजीत दीपके कौन हैं, उनकी निजी ज़िंदगी कैसी है।
पत्रकारिता से पब्लिक रिलेशंस तक का सफर
अभिजीत दीपके ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए और वहां से पब्लिक रिलेशंस की पढ़ाई की। संचार और राजनीतिक संदेशों को समझना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र रहा है। रिपोर्टों के अनुसार दीपके कुछ समय तक आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ भी जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने डिजिटल कैंपेन और ऑनलाइन राजनीतिक संचार पर काम किया।

कॉकरोच जनता पार्टी से मिली पहचान
अभिजीत दीपके ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान शुरू किया। शुरुआत में इसे एक सोशल मीडिया प्रयोग माना गया, लेकिन देखते ही देखते यह युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन गया। बेरोजगारी, युवाओं की समस्याओं ने इस राजनीतिक घमासान को पैदा कर दिया।
परिवार तक पहुंचीं धमकियां
मई 2026 में अभिजीत दीपके ने दावा किया कि उन्हें सोशल मीडिया और फोन के माध्यम से धमकी भरे संदेश मिल रहे हैं। कई रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि इन घटनाओं के बाद उनके परिवार ने चिंता जताई। दीपके ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उनके माता-पिता को भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर डर और चिंता है।
6 लोगों को हिरासत में लिए गए
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रोटेस्ट के दौरान 6 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी है। दरअसल पुलिस प्रशासन को सूचना मिली थी की प्रोटेस्ट के दौरान समर्थकों और कुछ विरोधियों के बीच तनाव देखा गया जिसके चलते पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
NEET पेपर लीक, युवाओं से जुड़े मुद्दे
NEET पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे को लेकर शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और कुछ अभिभावक भी शामिल हुए, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार की मांग उठाई।
भारत लौटे तो मां चिंता में थी
प्रदर्शन के दौरान CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि जब वे अमेरिका गए थे, तब उनकी मां उतनी चिंतित नहीं थीं, लेकिन भारत लौटने पर उन्हें डर था कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में ऐसा माहौल बना दिया गया है, जहां सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों में डर का माहौल रहता है।
हिंदू-मुसलमान की राजनीति
अभिजीत दीपके ने आगे कहा कि पिछले कई वर्षों से देश की राजनीति को धार्मिक मुद्दों में उलझा दिया गया है, जबकि युवाओं को रोजगार और शिक्षा जैसे मूलभूत सवालों के जवाब चाहिए। उनके अनुसार, हिंदू-मुसलमान की राजनीति से किसी को रोजगार नहीं मिला है और असली मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है।
युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की मांग
जानकारी के अनुसार, यह प्रदर्शन अभिजीत दीपके के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जो हाल ही में अमेरिका से भारत लौटे और सीधे जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग रखी।
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