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एथिक्स कमेटी अनैतिक रूप से निलंबित करने की बात कर रही : महुआ मोइत्रा

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New Delhi: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा इन दिनों काफी मुश्किलों से घिरी हुई है। माना जा रहा है कि आचार समिति सवाल के बदले रिश्वत मामले में महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता को निलंबित करने के लिए स्पीकर को अपनी रिपोर्ट दे सकती है। इस पर महुआ मोइत्रा ने कहा कि यह देश की पहली एथिक्स कमेटी होगी जो अनैतिक रूप से एक सदस्य को निलंबित करने की बात कह रही है।

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सबूत मिलने से पहले ही दंड़

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा कि भारत के संसदीय इतिहास में यह पहली आचार समिति है जो किसी सांसद को अनैतिक रूप से निलंबित करने की बात कह रही है। ये वो समिति है जो पहले मेरी संसद सदस्यता रद्द करने जा रही है। उसके बाद CBI से मेरे विरुद्ध सबूत ढ़ंढ़ने को कह रही है। अर्थात् सबूत मिलने से पहले ही दंड़। ऐसा तो कंगारू कोर्ट में होता है। मुझे गर्व है कि मेरे साथ ऐसा हो रहा है।

निशिकांत दुबे ने लगाया था आरोप

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ पर रिश्वत के बदले कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के इशारे पर अडाणी समूह को निशाना बनाने के लिए लोकसभा में प्रश्न पूछने का आरोप लगाया था। जिसकी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत की थी। इसके बाद एक कमेटी गठित की गई थी। इस पन्द्रह सदस्यीय कमेटी में भाजपा के 7, कांग्रेस के 3 और बीएसपी, शिवसेना, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के एक-एक मेम्बर हैं।

महुआ ने किया है गंभीर अपराध

आचार समिति ने निष्कर्ष निकाला है कि महुआ ने अनधिकृत लोगों के साथ यूजर आईडी साझा की। कारोबारी हीरानंदानी से नकदी और अन्य सुविधाएं ली। जो कि एक गंभीर अपराध है। आचार समिति की ओर से गंभीर सज़ा की मांग की गई।

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