Middle East Crisis : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने कतर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया है। ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत के पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, कतर के अर्ली वॉर्निंग सैटेलाइट एंटीना और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण ठिकानों को टारगेट किया गया।
ईरानी सेना ने बताया कि इन हमलों में बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। वहीं, ईरान की ओर से यह भी कहा गया है कि वह अमेरिकी हमलों का जवाब देना जारी रखेगा।
ईरान के 90 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
इससे पहले अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े स्तर पर हवाई हमले किए थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में ईरान के अहवाज इलाके में तीन लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
अमेरिकी सेना के मुताबिक, ईरान के खिलाफ की गई कार्रवाई क्षेत्र में अमेरिकी हितों और सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों के जवाब में की गई। अमेरिकी पक्ष ने बताया कि उसने ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की।
ईरान के साथ सीजफायर समझौता खत्म
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार होने का संकेत दे रहा है, लेकिन उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं है कि तेहरान किसी समझौते का पालन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ सीजफायर समझौता अब खत्म हो चुका है और वह फिलहाल किसी नए समझौते के पक्ष में नहीं हैं।
वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद 85 अमेरिकी ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। ईरान ने इनमें अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय और अली अल-सलेम एयर बेस को भी शामिल बताया है।
पुराने समझौतों का करना होगा सम्मान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि धमकी और दबाव के माहौल में अमेरिका के साथ कोई बातचीत या समझौता संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को पहले पुराने समझौतों का सम्मान करना होगा।
इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव का असर समुद्री यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुवैत से करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर जा रहा भारतीय झंडे वाला टैंकर ‘लीला वादिनार’ सुरक्षा कारणों से होर्मुज स्ट्रेट के पास से वापस लौट गया।
मुजतबा खामेनेई के सामने आने की संभावना
दूसरी ओर, ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद में पारिवारिक मौजूदगी के बीच दफनाए जाने की जानकारी सामने आई है। इस दौरान ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से सामने आने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम संस्कार में उनकी मौजूदगी को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए मुजतबा
ईरान में पिछले एक सप्ताह से जारी कार्यक्रमों में मुजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। इस बीच इजराइल की ओर से नए ईरानी नेतृत्व को लेकर दी गई चेतावनियों के बाद सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पश्चिम एशिया की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
ये भी पढ़ें- PM Modi Visit Australia : मेलबर्न में 30 हजार भारतीयों को किया संबोधित, यूरेनियम डील से रिश्तों को नई ताकत
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









