Maharashtra Earthquake : महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में शनिवार सुबह एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए. अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है.
अधिकारियों ने बताया कि सुबह 11:26 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 दर्ज की गई. इसका केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर की गहराई में था.
कुछ दिन पहले भी महसूस हुए थे झटके
यह भूकंप ऐसे समय में आया है, जब कुछ दिन पहले हिंगोली के साथ-साथ परभणी और नांदेड़ जिलों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. फिलहाल शनिवार को आए भूकंप से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है.
गुरुवार को हिंगोली, परभणी और नांदेड़ जिलों में चार बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिससे कई घरों को नुकसान पहुंचा था. अधिकारियों के मुताबिक, तड़के 1:37 बजे से सुबह 3:23 बजे के बीच रिक्टर स्केल पर 3.6 से 4.6 तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए थे. इन सभी झटकों का केंद्र हिंगोली जिले के वसमत तालुका का शिरली गांव था.
रिक्टर स्केल पर कैसे मापी जाती है तीव्रता?
आपको बता दें कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर मापी जाती है. 4 से 4.9 तीव्रता के भूकंप में घर का सामान अपनी जगह से गिर सकता है. 5 से 5.9 तीव्रता होने पर भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकते हैं. 6 से 6.9 तीव्रता के भूकंप में इमारतों की नींव प्रभावित हो सकती है. 7 से 7.9 तीव्रता में इमारतें गिरने का खतरा रहता है, जबकि 8 से 8.9 तीव्रता के भूकंप में सुनामी और व्यापक तबाही की आशंका होती है. 9 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप सबसे विनाशकारी माने जाते हैं.
क्यों आते हैं भूकंप?
धरती के भीतर मौजूद सात प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटें लगातार अपनी जगह बदलती रहती हैं. जब इन प्लेटों के बीच टकराव या घर्षण होता है, तो ऊर्जा निकलती है और भूकंप आता है. भूकंप के कारण जनजीवन प्रभावित होता है और कई बार इमारतों के गिरने से भारी नुकसान भी होता है.
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