Uttarakhand

उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण अंतिम चरण में, 99% फार्म का डिजिटाइजेशन पूरा, कट सकते हैं नाम

Uttarakhand News : उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। निर्वाचन विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक लगभग 99 प्रतिशत गणना फार्म का डिजिटाइजेशन पूरा किया जा चुका है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों से सभी मतदान केंद्रों पर शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की गई है, ताकि मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जा सके।

सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि एक जुलाई 2026 को आधार तिथि मानते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 8 जून से 7 जुलाई तक गणना प्रपत्रों का वितरण और उनका डिजिटाइजेशन किया गया।

कुल मतदाताओं का उपलब्ध डेटा

उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 79,60,762 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से 71,16,650 मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त होकर डिजिटाइज किए जा चुके हैं। वहीं, कुल 79,57,670 मतदाताओं का उपलब्ध डेटा और संबंधित प्रपत्र भी डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल कर लिए गए हैं।

मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं नाम

निर्वाचन विभाग के अनुसार, अभी 8,41,020 मतदाता ऐसे हैं जिनके गणना प्रपत्र वापस नहीं मिले हैं। इन सभी मामलों की नियमानुसार जांच की जाएगी। यदि निर्धारित प्रक्रिया के दौरान आवश्यक दस्तावेज या जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, तो ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।

15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची

अभियान के अगले चरण में 7 जुलाई से नए मतदान केंद्रों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद 14 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जबकि सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।

23,102 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए

बीएलए की नियुक्ति को लेकर भी निर्वाचन विभाग ने जानकारी दी। राज्य के 11,733 मतदान केंद्रों के मुकाबले अब तक विभिन्न राजनीतिक दलों ने कुल 23,102 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के 11,504, कांग्रेस के 11,105, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 378 और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 115 बीएलए शामिल हैं। आम आदमी पार्टी ने अब तक किसी भी मतदान केंद्र पर बीएलए नियुक्त नहीं किया है।

निर्वाचन विभाग ने सभी राजनीतिक दलों से शेष बूथों पर भी जल्द से जल्द बीएलए नियुक्त करने की अपील की है, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके।

मामलों की नियमानुसार की जाएगी समीक्षा

विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र अब तक वापस नहीं आए हैं, उनमें सबसे अधिक संख्या देहरादून जिले की है। यहां 1,90,815 प्रपत्र लंबित हैं, जो जिले के कुल मतदाताओं का 13 प्रतिशत से अधिक है। इसके अलावा ऊधम सिंह नगर में 1,82,162, हरिद्वार में 1,31,047 और नैनीताल में 72,083 मतदाताओं के गणना प्रपत्र अब तक जमा नहीं हुए हैं। इन मामलों की भी नियमानुसार समीक्षा की जाएगी।

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