Ram Mandir Ayodhya : अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया। ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्रा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों के इस्तीफे की जानकारी उन्हें मिल चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, मंदिर निर्माण से जुड़े प्रभारी गोपाल राव को भी व्यवस्थाओं से हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर प्रशासन में सबसे प्रभावशाली भूमिका में रहे हैं और पूरे संचालन की अहम जिम्मेदारी उनके पास थी। वहीं, अनिल मिश्रा और गोपाल राव भी ट्रस्ट के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।
चंपत राय की अनुपस्थिति पर उठे थे सवाल
करीब एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के दौरान चंपत राय की अनुपस्थिति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई थीं, जिसके बाद उनके पद से हटाए जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
8 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में अब तक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी की है। इससे पहले ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें फिलहाल शीर्ष पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं।
बड़े लोगों को बचाने की कोशिश नहीं…
इसी बीच, राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राम मंदिर को लेकर 4 किलो चांदी के दान से जुड़ा सवाल उठाया, जिस पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रामलला के दर्शन के बाद कहा कि इस मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और बड़े लोगों को बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
13 जून को किया एसआईटी का गठन
मामले की जांच 7 जून को शुरू हुई थी, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया। 23 जून को एसआईटी ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी।
चंपत राय के बारे में बताया जाता है कि वे 1991 में क्षेत्रीय संगठन मंत्री बनकर अयोध्या पहुंचे थे। 1996 में वे विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री बने और आगे चलकर संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वे अविवाहित रहे और अपना पूरा जीवन राम मंदिर आंदोलन व सेवा कार्यों को समर्पित कर दिया।
किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा- सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले पर कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद सख्त कार्रवाई की जा रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आरोप लगाने वालों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वही लोग अब सवाल उठा रहे हैं जिन्होंने पहले आस्था को लेकर विरोध किया था और धार्मिक आयोजनों को रोकने की कोशिश की थी।
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