Political News : प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के साथ धरना प्रदर्शन कर रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लेकर मंदिर मार्ग थाने पहुंचाया था. बाद में उन्हें लेने के लिए कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी भी थाने पहुंचीं. पुलिस द्वारा जाने की अनुमति मिलने के बाद प्रियंका गांधी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि राहुल गांधी ने प्रदर्शन के लिए प्रधानमंत्री आवास को ही क्यों चुना था.
प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार को छात्रों की बात सुनने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए थी, उन्होंने कहा, “कल जो इन्होंने देश के साथ किया है, सरकार को इनकी बात सुनने में क्या दिक्कत थी. हमारी जिम्मेदारी बनती है कि उनकी आवाज हम बुलंद करें. जो छात्रों के साथ हो रहा है, उनके समर्थन में हम लोग खड़े हैं. यह लोकतंत्र है, जहां भी जरूरत होगी हम खड़े रहेंगे.”
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई
केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने को लेकर प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस और प्रदर्शनकारियों की मांगें पूरी तरह स्पष्ट हैं, उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए, इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए और छात्रों को न्याय मिलना चाहिए. प्रियंका गांधी ने कहा, “इन्हीं बच्चों ने हमें संसद में भेजा है. यह संसद इनकी है, यह लोकतंत्र इनका है और यह देश भी इनका है.”
शिक्षा बजट और लोन माफी को लेकर सरकार पर निशाना
सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि देश का शिक्षा बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अडानी और अंबानी के 16 लाख करोड़ रुपये के लोन माफ किए हैं. कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हर पेपर लीक मामले में भाजपा से जुड़े लोगों का नाम सामने आ रहा है, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की वजह से देश के युवाओं को सड़कों पर उतरना पड़ा है.
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि उनकी दो प्रमुख मांगें हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और छात्रों के मुद्दे पर जवाबदेही तय करना, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान सिविल कपड़ों में मौजूद लोगों ने लाठीचार्ज किया.
पीएम आवास तक पहुंचा था विपक्ष का मार्च
संसद भवन से मार्च करते हुए विपक्षी नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर पहुंच गए थे, जहां उन्होंने धरना शुरू कर दिया. इसके बाद केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से बातचीत की.
जितेंद्र सिंह ने बाद में कहा कि सदन में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग स्वीकार कर ली गई थी, लेकिन अब राहुल गांधी इसके लिए तैयार नहीं हैं. बातचीत सफल नहीं होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी नेताओं से वहां से हटने को कहा. जब उन्होंने वहां से जाने से इनकार किया, तो पुलिस ने उन्हें बसों में बैठाकर अलग-अलग स्थानों पर पहुंचा दिया.
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