Gold Price Fall India : सोमवार, 20 अप्रैल को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. सुबह करीब 9:10 बजे सोना 1500 रुपये से अधिक टूटकर 1,53,030 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. वहीं चांदी करीब 5000 रुपये गिरकर 2,53,168 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई. इससे पहले पिछले सत्र में सोना 1,54,609 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,58,079 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई थी, जहां चांदी में 3.8% की बढ़त दर्ज की गई थी.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव बना रहा. स्पॉट गोल्ड 0.4% गिरकर 4,809.71 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि जून डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 1% गिरकर 4,829.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. इसी तरह स्पॉट सिल्वर में भी 0.5% की गिरावट आई और यह 80.36 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा.
तेल कीमतें और डॉलर दोनों मजबूत
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, टैस्टीलिव के मैक्रो विश्लेषक इल्या स्पिवाक का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कमजोर पड़ता नजर आ रहा है. पिछले सप्ताह जिस समझौते से बाजारों को राहत मिली थी, अब उसके खत्म होने की आशंका बढ़ गई है. इससे वही हालात बनते दिख रहे हैं जो संघर्ष की शुरुआत में देखने को मिले थे. कच्चे तेल के दाम में तेजी, महंगाई की चिंता और अमेरिकी डॉलर की मजबूती.
विशेषज्ञों का कहना है कि, डॉलर इंडेक्स में मजबूती सोने-चांदी पर दबाव का प्रमुख कारण है, क्योंकि इससे डॉलर में कीमत तय होने वाले सोने की लागत अन्य मुद्राओं के निवेशकों के लिए बढ़ जाती है. इसके अलावा अमेरिकी 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में 0.5% की बढ़ोतरी भी कीमती धातुओं के लिए नकारात्मक मानी जा रही है.
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर तेल बाजार पर भी पड़ा है, जहां खाड़ी क्षेत्र से शिपिंग गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है. आंकड़ों के अनुसार, फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से सोने की कीमतों में करीब 8% की गिरावट दर्ज की जा चुकी है.
लेकिन ब्याज दरें बढ़ने से मांग घटी
आमतौर पर सोना महंगाई के खिलाफ सुरक्षा देने वाला निवेश माना जाता है, लेकिन जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो बिना ब्याज वाले इस एसेट की मांग घट जाती है, क्योंकि निवेशक ज्यादा रिटर्न देने वाले विकल्पों, जैसे बॉन्ड, की ओर रुख करते हैं. ओसीबीसी के रणनीतिकार क्रिस्टोफर वोंग का कहना है कि फिलहाल सोने की चाल बाजार के जोखिम के माहौल पर निर्भर करेगी और यह काफी हद तक युद्धविराम वार्ताओं के नतीजों पर टिकी हुई है.
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