Haryana News : नायब सिंह सैनी ने रोहतक में महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रेस वार्ता करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में जो घटनाएं हुईं, उससे उनका मन बेहद आहत है और यह देश की महिलाओं के अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
तीन महत्वपूर्ण विधेयक किए गए पेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में हुआ घटनाक्रम न केवल अलोकतांत्रिक था, बल्कि देश की आधी आबादी के भविष्य को प्रभावित करने वाला भी है। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल को केंद्र सरकार ने लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए थे, जिनमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक शामिल थे।
2029 के लोकसभा चुनाव में…
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिला आरक्षण को 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन से जोड़ा गया था। लेकिन अगर इस प्रक्रिया का इंतजार किया जाता, तो 2029 के लोकसभा चुनाव में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता। इसी कारण सरकार ने इसे जनगणना की शर्त से अलग करने का निर्णय लिया।
जनता के बीच भ्रम और गलत जानकारी
सीएम सैनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने परिसीमन को लेकर जनता के बीच भ्रम और गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की।
140 करोड़ से अधिक हो चुकी भारत की आबादी
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने संसद में तथ्यों के साथ बताया है कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा। उन्होंने जनसंख्या के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 1971 में देश की आबादी 54 करोड़ थी, तब लोकसभा की सीटें 550 तय की गई थीं। अब आबादी 140 करोड़ से अधिक हो चुकी है, इसलिए सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करना जरूरी हो गया है।
अटकाओ, लटकाओ और भटकाओ की राजनीति
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति हमेशा “अटकाओ, लटकाओ और भटकाओ” की रही है। अंत में उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों पर राजनीति करने वालों को देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी।
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