Haryanaराज्य

CM नायब सिंह सैनी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर और फुले को किया नमन, कहा- शिक्षा और समानता ही समाज परिवर्तन का आधार

Haryana News : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले जी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. चंडीगढ़ के सिविल सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने संबोधन भी दिया.

सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज हम उन दो महापुरुषों को याद कर रहे हैं जिन्होंने अपने कर्म और विचार से देश और समाज को दिशा देने का काम किया, उन्होंने भारत माता के उन दोनों सपूतों महात्मा ज्योतिबा फुले और भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को कोटि-कोटि नमन किया, सीएम ने कहा कि उन दोनों महापुरुषों ने अपना संपूर्ण जीवन समाज के उस वर्ग के उत्थान में लगाया जिसे सदियों तक उपेक्षित और वंचित रखा गया.

बाबा साहब का मूल मंत्र शिक्षा

सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने छुआछूत, अज्ञानता और अंधविश्वास के अंधकार को मिटाने के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बनाया, उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी शिक्षा, समानता और न्याय को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाया.

सीएम ने कहा कि उनका नारा “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” केवल एक नारा नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का उद्घोष है, उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले वंचित वर्गों की ही नहीं बल्कि महिलाओं की स्थिति में सुधार लाने के लिए भी समर्पित थे.

विचारों को व्यवहार में उतारने की अपील

सीएम ने कहा कि इन महान विभूतियों के विचारों को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर बल्कि उन्हें अपने व्यवहार और नीतियों में भी उतारना चाहिए, उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रदेश में दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की गई है और सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत महिलाएं चुनकर आती हैं.

अनुसूचित जातियों को 20 प्रतिशत आरक्षण

सीएम ने कहा कि पिछड़ा वर्ग को पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण देकर उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त किया गया है, उन्होंने कहा कि अनुसूचित जातियों को प्रथम पद और द्वितीय श्रेणी के पदों में भी 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है, उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के छात्रों को शिक्षा के प्रोत्साहन के रूप में 12 हजार रुपये तक की वार्षिक छात्रवृत्तियां दी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि इन दोनों महापुरुषों के दिखाए रास्ते पर चलते हुए हमारी डबल इंजन सरकार सबसे पहले सबसे गरीब व्यक्ति के उत्थान का कार्य कर रही है.

ये भी पढ़ें- यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती पर लखनऊ में प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की कोशिश

Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप

Related Articles

Back to top button