Delhi NCRराजनीति

स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार पूरे विपक्ष को सदन और परिसर से बाहर निकालना लोकतंत्र पर सीधा वार: आतिशी

New Delhi : आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने रविवार विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर निष्कासित विधायकों को सदन में शामिल करने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि आठवीं विधानसभा के गठन के उपरांत सदन में पक्ष और विपक्ष ने सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष को चुना था, इस उम्मीद से कि उनके अनुभव से सदन लोकतांत्रिक व विधि-सम्मत तरीके से चलेगा।

आतिशी ने लिखा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधानसभा केवल सरकार का मंच नहीं होता, बल्कि यह पक्ष व विपक्ष दोनों की सहभागिता से संचालित होने वाला एक सशक्त संस्थान है, जहां सदन स्वस्थ चर्चा, संवाद व विचार-विमर्श से चलता है। विपक्ष की जिम्मेदारी है कि यदि सरकार या सत्ता पक्ष जनता के हित की अनदेखी करे या अपने वादों के अनुरूप कार्य न करे, तो उन सभी विषयों को सदन में उठाकर सत्ता पक्ष की आलोचना करे।

पूरे विपक्ष का निष्कासन, लोकतंत्र पर सवाल

आतिशी ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि प्रथम सत्र की बैठक से लेकर चतुर्थ सत्र की प्रथम बैठक तक विधानसभा अध्यक्ष का विपक्ष के प्रति जो रवैया रहा है, वह न केवल चिंताजनक है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप भी नहीं है। सरकार की आलोचना एवं जनहित के मुद्दे उठाने पर एक साथ पूरे विपक्ष को, विपक्ष के नेता सहित, सदन से बाहर करना न केवल सदन से बल्कि सदन परिसर से भी बाहर कर देना सदन की मर्यादा के विरुद्ध है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में देश की किसी भी विधानसभा, विधान परिषद, अथवा देश की सर्वोच्च विधायिका लोकसभा व राज्यसभा में ऐसा दृष्टांत देखने को नहीं मिला है, जहाँ पूरे विपक्ष को एक साथ न केवल सदन से बल्कि सदन परिसर से भी बाहर कर दिया गया हो।

आतिशी ने कहा कि अध्यक्ष के इस कदम से एक नई परंपरा की शुरुआत हुई है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि विधानसभा की मर्यादा को भी तार-तार करने वाली है। उन्होंने आगे कहा कि एक लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए जनप्रतिनिधि की अवमानना की गई, उसे सत्र के दौरान संपूर्ण सत्रावधि तक परिसर में आने से रोका गया, जो अत्यंत निंदनीय एवं सर्वथा अनुचित है। यह एक चुने हुए जनप्रतिनिधि के विशेषाधिकारों का हनन भी है।

विपक्ष रोका गया, अधिकारों पर उठे सवाल

आतिशी ने बताया कि हाल ही में संपन्न विधानसभा सत्र के दौरान यह देखा गया कि सत्ता पक्ष के सदस्यों ने लगातार तीन दिनों तक सदन नहीं चलने दिया, जिससे दिल्ली से जुड़े कई गंभीर विषयों पर चर्चा नहीं हो पाई। परंतु विधानसभा अध्यक्ष ने एक भी सदस्य का निष्कासन नहीं किया। इसके विपरीत, जब सदन में विपक्ष के सदस्यों ने कुछ बिंदु उठाने का प्रयास किया, तो अध्यक्ष ने न केवल उन्हें सदन से बाहर किया, बल्कि पुनः सदन परिसर से भी बाहर कर दिया और पूरे सत्रावधि तक उन्हें सदन में न आने देने का निर्णय लिया। उस दौरान समितियों की बैठकों व अन्य बैठकों, जिनकी पूर्व सूचना दी गई थी, में पहुँचने पर भी सदस्यों को विधानसभा के द्वार पर रोक दिया गया। यह दर्शाता है कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों के विशेषाधिकारों तथा समितियों में उनकी वैधानिक भागीदारी को बाधित करने का प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप, वे अपने विधायी कार्यों का निष्पादन नहीं कर सके। यह स्पष्ट रूप से उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रयोग में बाधा डालने का कार्य है, जो एक प्रकार से संविधान का भी अनादर है।

आतिशी ने स्पष्ट किया कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते, जब उनके द्वारा सदन में दिल्ली के जनहित के मुद्दों एवं अन्य विषयों को उठाने का प्रयास किया गया, तो विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशानुसार उसे विशेषाधिकार हनन मानते हुए समिति को भेजा गया, जो यह दर्शाता है कि यह विपक्ष की वैधानिक भूमिका को सीमित करने का प्रयास था। यह भी स्पष्ट करता है कि उन्हें अपनी विधायी जिम्मेदारियों तथा लोकहित के विषयों को उठाने के दायित्व से वंचित करने का प्रयास किया गया, जो एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अत्यंत चिंताजनक है।

‘निष्कासित विधायकों को सदन में शामिल करें’

आतिशी ने मांग करते हुए कहा कि उपरोक्त परिस्थितियों को देखते हुए सभी विपक्षी विधायकों का यह आग्रह है कि विधानसभा अध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि जिन माननीय विधायकों को चतुर्थ सत्र की प्रथम बैठक में अनावश्यक रूप से बाहर किया गया है, उन्हें ‌द्वितीय बैठक में सम्मिलित किया जाए। साथ ही, सदन निष्पक्ष रूप से संचालित हो, विपक्ष के सदस्यों को लोकहित के मु‌द्दे उठाने से न रोका जाए तथा उन्हें उचित समय प्रदान किया जाए। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि विधानसभा अध्यक्ष इन सभी विषयों का संज्ञान लेकर यह सुनिश्चित करेंगे कि सदन विधायी परंपराओं के अनुरूप संचालित हो।

ये भी पढ़ें – आप भी घटना चाहते हैं अपना वजन? तो डाइट में इन चीजों को करें शामिल

Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप

Related Articles

Back to top button