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मॉनसून का रौद्र रूप! गुजरात-महाराष्ट्र में बाढ़ जैसे हालात, NDRF-सेना ने संभाला मोर्चा, हजारों लोगों का रेस्क्यू

Weather News : देश के कई हिस्सों में मानसून का असर तेज हो गया है। गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और असम समेत कई राज्यों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। दक्षिण गुजरात के कई जिलों में निचले इलाके पानी में डूब गए हैं, जबकि प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

वलसाड और उमरगाम में भारी बारिश से हालात गंभीर

गुजरात के दक्षिणी हिस्सों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। वलसाड जिले के उमरगाम तालुका में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 43 इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। हालात को देखते हुए NDRF, SDRF और भारतीय वायुसेना की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

प्रशासन के मुताबिक अब तक बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

सूरत में नदियां उफान पर, हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया

सूरत में भी भारी बारिश से परेशानी बढ़ गई है। यहां करीब 4 घंटे में 4 इंच बारिश दर्ज की गई। भेड़ावल और सीमादा नदियां उफान पर हैं, जबकि जिले की अन्य नदियां भी खतरे के निशान के करीब बह रही हैं।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है। मौसम विभाग ने गुजरात के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। राज्य के कुछ जिलों में रेड अलर्ट, कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी है।

पालघर में बाढ़ का असर, कई गांवों का टूटा संपर्क

महाराष्ट्र के तटीय पालघर जिले में भी भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। दहानू और तलासरी तहसीलों के कई गांवों का संपर्क टूट गया है। निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई जगहों पर बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रशासन के अनुसार अब तक 891 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं करीब दो लाख लोगों के बिजली संकट से प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

पालघर जिला प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए गुरुवार को सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया है। पश्चिम रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर घोलवड़ और उमरगाम रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसके चलते मुंबई-अहमदाबाद रूट की कई प्रमुख ट्रेनें प्रभावित हुई हैं, जिनमें गुजरात सुपरफास्ट एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस शामिल हैं।

देशभर में बारिश का दौर जारी

उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के 69 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां लाखों लोग प्रभावित हैं और पिछले 24 घंटे में कई लोगों की मौत की सूचना सामने आई है।

सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी बादलों की लंबी पट्टी

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक भारत के हिमालयी क्षेत्र से लेकर दक्षिण कोरिया तक करीब 7 से 10 हजार किलोमीटर लंबी बादलों की पट्टी देखी गई है। इसे मानसून कन्वर्जेंस जोन कहा जा रहा है। यह स्थिति हिंद महासागर से आने वाली नमी वाली हवाओं के एशिया की ओर बढ़ने के कारण बनी है। इसी वजह से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, छत्तीसगढ़ और गुजरात समेत कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही है।

वलसाड में NDRF-SDRF और सेना की टीमें तैनात

गुजरात के वलसाड जिले में राहत अभियान को और मजबूत किया गया है। प्रशासन ने तीन NDRF और पांच SDRF टीमों को तैनात किया है। इसके अलावा अतिरिक्त NDRF टीमें भी भेजी जा रही हैं। राहत कार्यों के लिए सेना की एक टुकड़ी भी तैनात की जा रही है, जिसके साथ नावें भी भेजी जा रही हैं। फायर विभाग की टीम भी बचाव अभियान में शामिल होगी। सभी टीमें जिला प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने, राहत सामग्री पहुंचाने और हालात पर नजर रखने का काम कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों की निगरानी के लिए वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में जाकर बचाव और राहत कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है और लगातार बारिश के बीच राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

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