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E20 Fuel पर छिड़ा बवाल, बड़े आंदोलन की तैयारी में टैक्सी यूनियन, 4 अगस्त को संसद घेरने की तैयारी

E20 Fuel Protest : पेपर लीक आंदोलन की सफलता के बाद अब टैक्सी यूनियन बड़े आंदोलन की तैयारी में है। E20 को लेकर टैक्सी यूनियन और ट्रांसपोर्टरों समेत कई लोगों में रोष है। दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर एसोसिएशन ने E20 पेट्रोल (Ethanol-Blended Petrol) की नीतियों, गाड़ियों की माइलेज में आ रही गिरावट और कड़े नियमों के विरोध में 4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान किया है।

प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री

बता दें कि कल यानि 25/07/2026 दिन शनिवार को GenZ आंदोलन को बड़ी सफलता मिली और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से इस्तीफा देना पड़ा। बहरहाल नए शिक्षा मंत्री के रुप में प्रह्लाद जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त पदभार सौंपा गया है।

ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़ी समस्याएं उठाई

देश में E20 ईंधन को लेकर वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों की चिंताएं सामने आई हैं। शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट और अन्य सदस्यों ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़ी समस्याओं को उठाया। इस दौरान विरोध दर्ज कराने के लिए एसोसिएशन के सदस्य हाथों में गन्ने लेकर पहुंचे।

ईंधन के प्रयोग से प्रभावित हो रहा माइलेज

प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय सम्राट ने E20 पेट्रोल यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर वाहन चालकों की परेशानियां बताईं। उन्होंने कहा कि कई वाहन मालिकों की शिकायत है कि इस तरह के ईंधन के इस्तेमाल से गाड़ियों का माइलेज प्रभावित हो रहा है और इंजन के रखरखाव पर अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है।

एसोसिएशन का कहना है कि साल 2015 से पहले तैयार किए गए कई वाहन 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं। ऐसे वाहनों में E20 ईंधन के इस्तेमाल को लेकर तकनीकी समस्याएं आने की आशंका जताई जा रही है।

क्यों दिया जा रहा महंगा ईंधन

संजय सम्राट ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोग पेट्रोल के लिए पूरी कीमत चुका रहे हैं और ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, तो उन्हें ऐसा ईंधन क्यों दिया जा रहा है जिससे वाहन की क्षमता और खर्च पर असर पड़ सकता है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि E20 ईंधन को लेकर वाहन मालिकों और चालकों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाए और पुराने वाहनों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने E20 ईंधन के साथ-साथ कमर्शियल टूरिस्ट वाहनों से जुड़ी कई अन्य समस्याओं को लेकर आवाज उठाई है। एसोसिएशन के सदस्य जितेंद्र बॉबी ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (AITP) वाली टैक्सी और बसों की 80 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड लिमिट पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि जहां आधुनिक एक्सप्रेसवे और हाईवे पर निजी वाहनों को ज्यादा रफ्तार से चलने की अनुमति है, वहीं कमर्शियल टूरिस्ट वाहनों पर 80 किमी प्रति घंटे की सीमा लागू है। इससे वाहन मालिकों के कारोबार, समय प्रबंधन और यात्रियों की सुविधा पर असर पड़ रहा है।

ट्रांसपोर्टरों ने रखीं 6 प्रमुख मांगें

एसोसिएशन ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें E20 इथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति की तकनीकी और वैज्ञानिक समीक्षा कराने की मांग सबसे प्रमुख है।

ट्रांसपोर्टरों की अन्य मांगों में गाड़ियों में लगाए जा रहे पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) की व्यवस्था की जांच, टूरिस्ट कमर्शियल वाहनों की स्पीड लिमिट में बदलाव, पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने की नीति की समीक्षा, BS-IV डीजल टूरिस्ट वाहनों पर लगे प्रतिबंधों में सुधार और नेशनल हाईवे के टोल टैक्स में राहत शामिल है।

4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान

एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने बताया कि 4 अगस्त को प्रस्तावित संसद मार्च शांतिपूर्ण और गैर-राजनीतिक होगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है, बल्कि कमर्शियल वाहन मालिकों और चालकों की समस्याओं को लेकर किया जा रहा है।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की है कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए। एसोसिएशन ने देशभर की टैक्सी, कैब और ट्रक यूनियनों से भी इस मार्च में शामिल होने की अपील की है। संगठन का दावा है कि इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ड्राइवर और वाहन मालिक हिस्सा ले सकते हैं।

ये भी पढ़ें- CJP ने खत्म किया आंदोलन, सरकार से बातचीत के बाद तीनों मांगें पूरी, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

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