Drivers Training : स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (एस.टी.सी.), पंजाब के कार्यालय द्वारा मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों और अन्य वी.आई.पी. के साथ तैनात परिवहन विभाग के लगभग 200 ड्राइवरों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
सेक्टर-17 स्थित मुख्यालय में आयोजित इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक ड्राइविंग आदतों को वैज्ञानिक आधार वाली, रक्षात्मक सड़क सुरक्षा कौशलों में परिवर्तित करना था। “कौशल-आधारित ड्राइविंग से वैज्ञानिक ज्ञान तक और आत्मविश्वास से सतर्कता एवं दक्षता तक” विषय के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ड्राइवरों को अत्यधिक दबाव और आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार करना था।
दुर्घटनाओं को करने के लिए विशेष सत्र
इस प्रशिक्षण के दौरान डिफेंसिव ड्राइविंग पर विशेष जोर दिया गया ताकि ड्राइवरों की सोच को पहले से ही जोखिम प्रबंधन, सड़क पर मौजूद खतरों की त्वरित पहचान तथा तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल की ओर विकसित किया जा सके। इसके अलावा, मानवीय त्रुटियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को बड़े स्तर पर कम करने के लिए ड्राइवरों के मनोविज्ञान और व्यवहारगत बदलावों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
मानसिक रूप से सजग बनाना आवश्यक
इस कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राज्य परिवहन आयुक्त परनीत शेरगिल ने कहा, “यह प्रशिक्षण हमारे ड्राइवरों को न केवल तकनीकी रूप से सशक्त बनाने, बल्कि मानसिक रूप से सजग और अचानक उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जीरो एक्सीडेंट के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता
यह कार्यक्रम परिवहन विभाग के सचिव वरुण रूजम के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसका प्रबंधन आर टी ए सचिव रणप्रीत सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जीरो एक्सीडेंट के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता विशेषज्ञ हरप्रीत सिंह द्वारा प्रशिक्षण सत्र लिए गए।
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