Punjab News : राष्ट्रीय चैनल हिंदी खबर और लिविंग इंडिया न्यूज के Shining Punjab Conclave में मुख्यमंत्री भगवंत मान का बेबाक इंटरव्यू हुआ. यह कार्यक्रम पूरे भारत, विशेष रूप से उत्तर भारत के साथ-साथ 21 देशों में भी देखा गया.
लाइव प्रसारण के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि नेटवर्क के पिछले 30 दिनों में कुल 108 करोड़ एक्टिव दर्शक जुड़े हैं, जो देश और विदेश दोनों जगहों से डिजिटल मीडिया के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे. सभी दर्शकों की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान का तहे दिल से स्वागत किया गया.
“शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल”
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा गया कि उन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर इस चर्चा में भाग लिया. कार्यक्रम का शीर्षक ‘शाइनिंग पंजाब: शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल’ रखा गया, जिसमें सरकार के चार वर्षों के कामकाज पर चर्चा की गई. इस दौरान मुख्यमंत्री से आगामी चुनाव को लेकर सवाल किया गया कि “अबकी बार किसकी सरकार” और “आप कितनी तैयार हैं.”
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के आयोजकों और लिविंग इंडिया समूह की पूरी टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें अपनी सरकार के चार साल का रिपोर्ट कार्ड रखने का अवसर मिला है, उन्होंने कहा कि उनसे ज्यादा भरोसा उनके जवाबों पर है, जबकि सवालों को लेकर अधिक उत्सुकता दिखाई जा रही है.
सवाल-जवाब और चर्चा का सिलसिला
कार्यक्रम में बातचीत के दौरान सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा, जहां हल्के-फुल्के अंदाज में जवाबों को लेकर टिप्पणी की गई और नारी शक्ति का भी जिक्र हुआ. मेजबानों ने पंजाब की मेहमाननवाजी पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री का स्वागत किया और चंडीगढ़ व पंजाब की धरती पर उनका अभिनंदन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री से फिर सवाल किया गया कि “पंजाब कितना तैयार है” और “अबकी बार किसकी सरकार होगी.” जवाब में उन्होंने कहा कि अक्सर नेता जीतने के बाद अगली सरकार के बारे में सोचने लगते हैं, लेकिन इस सोच से वह थोड़ा अलग हैं.
अगली पीढ़ी और शिक्षा व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर नेता अगली सरकार बनाने की सोच में लग जाते हैं, लेकिन जरूरी यह है कि अगली पीढ़ी के बारे में सोचा जाए, उन्होंने कहा कि प्रयास होना चाहिए कि शिक्षा व्यवस्था को इतना मजबूत बनाया जाए कि लोगों को नेताओं पर निर्भर रहने की जरूरत ही न पड़े, उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि विदेशों में आम लोग अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के पास छोटी-छोटी समस्याओं के लिए नहीं जाते, जबकि यहां हर छोटी समस्या के लिए नेताओं पर निर्भरता बनी हुई है, उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था की कमी है, जिसने लोगों को इस तरह निर्भर बना दिया है.
चुनाव की तैयारी पर बयान
मुख्यमंत्री ने चुनावी व्यवस्था और राजनीतिक कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव के समय नेता लोगों से वोट मांगने के लिए हाथ जोड़ते हैं, लेकिन बाद में हालात उलट जाते हैं और लोगों को अपने काम के लिए नेताओं के पीछे जाना पड़ता है, उन्होंने कहा कि वह इस सिस्टम को बदलना चाहते हैं, ताकि लोगों के काम अपने आप हों और उन्हें किसी पर निर्भर न रहना पड़े. मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव की तैयारी का मतलब मतदाताओं को लुभाना या सपने दिखाना नहीं होना चाहिए, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस तरह की राजनीति के लिए नहीं बनी है.
चुनावी अनुभव और संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य काम करना और उसी आधार पर वोट मांगना है, उन्होंने बताया कि 2014 में संगरूर से अपना पहला चुनाव लड़ते समय उन्हें प्रचार के लिए हाथ जोड़कर अपील करनी पड़ी थी, उन्होंने कहा कि यदि पांच साल काम करने के बाद भी फिर से उसी तरह हाथ जोड़कर वोट मांगना पड़े, तो इसका मतलब है कि काम नहीं हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली बार उन्होंने हाथ जोड़ने के बजाय अलग अंदाज में प्रचार किया और चुनाव भी जीता.
काम के आधार पर राजनीति की सोच
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सोच साफ है कि राजनीति में काम के आधार पर जनता के बीच जाना चाहिए, न कि केवल अपील या वादों के सहारे. मुख्यमंत्री ने कहा कि काम के आधार पर ही जनता का भरोसा जीता जा सकता है, उन्होंने शिक्षा व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले अभिभावकों की स्थिति देखी जाती है, लेकिन जब बच्चे अच्छे अंक लाते हैं तो उसी का श्रेय स्कूल लेते हैं, उन्होंने कहा कि उनकी सरकार गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से आई है, इसलिए उन्हें खुद को साबित करना पड़ा और काम करके दिखाना पड़ा, जिसके बाद जनता ने उन्हें स्वीकार किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि चार साल के कार्यकाल में उनकी सरकार ने अच्छा काम किया है और आगे भी काम जारी रहेगा.
तकनीक और व्यवस्था पर टिप्पणी
उन्होंने यह भी कहा कि दशकों पुराने सिस्टम को कुछ ही वर्षों में पूरी तरह बदलना संभव नहीं है. आजादी के इतने वर्षों बाद भी बुनियादी समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई हैं, जबकि देश में बड़े-बड़े लक्ष्यों की बात की जाती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में जहां एक ओर मंगल ग्रह तक पहुंचने और वहां बसने जैसी बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर आज भी बुनियादी समस्याएं पूरी तरह हल नहीं हो पाई हैं, उन्होंने कहा कि लोगों को सिस्टम में उलझाकर रखा गया है, जबकि अन्य देशों में कई काम तकनीक के जरिए आसानी से हो जाते हैं, उन्होंने कहा कि सिस्टम को बदलने के लिए उसके भीतर जाकर काम करना पड़ता है और उनकी सरकार इसी दिशा में प्रयास कर रही है.
केंद्रीय एजेंसियों पर सवाल और प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय एजेंसियों को लेकर भी सवाल किया गया, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी परिस्थितियां पहले भी रही हैं और आगे भी रहेंगी, उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग संघर्ष करने वाले हैं और हर चुनौती का सामना करने की क्षमता रखते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राजनीतिक घटनाक्रम से पार्टी पर खास असर नहीं पड़ता, क्योंकि संगठन व्यापक स्तर पर फैला हुआ है, उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लाखों-करोड़ों लोगों की पार्टी है और इसका मजबूत जनाधार है. उन्होंने बताया कि पंजाब में पार्टी के बड़ी संख्या में सरपंच और पंचायत सदस्य हैं, वहीं विभिन्न राज्यों में भी पार्टी की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है, उन्होंने कहा कि पंजाब में सरकार होने के साथ-साथ कई शहरों में नगर निगमों में मेयर पद पर भी पार्टी का प्रतिनिधित्व है.
संगठन पर असर को लेकर बयान
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पार्टी की मौजूदगी दिल्ली, गुजरात, गोवा, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में है और स्थानीय निकाय चुनावों में भी पार्टी को बड़ी संख्या में सीटें मिली हैं, उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी कुछ लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर फैला एक बड़ा संगठन है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सीधे जनता द्वारा चुने नहीं गए होते, उनके इधर-उधर होने से पार्टी पर कोई खास असर नहीं पड़ता, उन्होंने कहा कि पार्टी का आधार जनता है, जो अपने प्रतिनिधियों को चुनती है, और कुछ व्यक्तियों के जाने से संगठन पर बड़ा प्रभाव नहीं पड़ता, उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि समुद्र में से थोड़ा पानी निकालने से समुद्र पर फर्क नहीं पड़ता, बल्कि उससे पात्र की क्षमता का अंदाजा होता है.
संगठन और नेताओं के बदलाव पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी में शुरुआत में अच्छे लोगों का चयन किया जाता है, लेकिन समय के साथ यह तय नहीं किया जा सकता कि कौन कब और कहां चला जाए, उन्होंने कहा कि संगठन व्यक्ति विशेष से बड़ा होता है और लगातार चलता रहता है, उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह कभी बेहद लोकप्रिय नेता थे, उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब उनकी लोकप्रियता चरम पर थी, लेकिन बाद में संगठन से मतभेद होने के बाद उन्हें बाहर होना पड़ा.
राजनीतिक घटनाक्रम और बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में इस तरह के घटनाक्रम होते रहते हैं और व्यक्तियों के फैसले समय के साथ बदलते रहते हैं. इस दौरान ‘सूत्रों’ के हवाले से खबरों पर भी टिप्पणी की गई, उन्होंने कहा कि अक्सर “कहा जाता है” या “सूत्रों के मुताबिक” जैसी बातें सामने आती हैं, लेकिन इन स्रोतों की स्पष्ट जानकारी नहीं होती. कार्यक्रम में आगे सवाल किया गया कि क्या राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेता, जैसे अमित शाह और नरेंद्र मोदी, उनका राजनीतिक रूप से सामना करने पर ध्यान दे रहे हैं. इस पर चर्चा जारी रही.
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