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अमेरिका-ईरान तनाव थमते ही कच्चा तेल लुढ़का, ब्रेंट क्रूड में 5% की बड़ी गिरावट

Crude Oil Price Today : अमेरिका और ईरान के बीच करीब दो सप्ताह से जारी सैन्य तनाव में फिलहाल विराम लगने के बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 5 फीसदी टूटकर 90 डॉलर प्रति बैरल के अहम स्तर के नीचे पहुंच गई.

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक समाधान को मौका देने के लिए फिलहाल आगे के हमलों पर रोक लगा दी है. अमेरिका के राजदूत ने भी कहा है कि बातचीत की संभावनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. इससे बाजार में यह उम्मीद जगी है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है.

होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी बाजार की नजर

तनाव कम होने की उम्मीद के बीच माना जा रहा है कि दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है. हालांकि, फिलहाल इस मार्ग पर समुद्री यातायात सामान्य से कम बना हुआ है.

सोमवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड वायदा 4.89 डॉलर यानी 5.05 फीसदी गिरकर 91.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. कारोबार के दौरान यह कुछ समय के लिए 90 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण स्तर से भी नीचे फिसल गया. बाजार अब अमेरिका-ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत और पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

विश्लेषकों ने क्या कहा?

आईजी मार्केट्स के विश्लेषक टोनी साइकामोर ने कहा कि अब यह उम्मीद बढ़ रही है कि विवाद का समाधान बातचीत के जरिए निकल सकता है. उनके अनुसार, 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) की दिशा में वापसी और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनना तनाव कम करने की अच्छी शुरुआत हो सकती है.

हमलों पर विराम के बावजूद समुद्री व्यापार अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है. शिपिंग डेटा कंपनी Kpler के अनुसार, वीकएंड में होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रतिदिन 10 से भी कम कमोडिटी जहाज गुजरे.

लाल सागर में हमले के बाद शिपिंग धीमी

रविवार को यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर तट पर सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर हमला किए जाने के बाद बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही भी धीमी हो गई. हालांकि, इस दौरान एक तीसरा चीनी सुपरटैंकर इस मार्ग से सुरक्षित निकलने में सफल रहा.

एमएसटी मार्की के विश्लेषक सॉल कैवोनिक का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में सुधार धीरे-धीरे ही होगा. उनका कहना है कि अधिकांश शिपिंग कंपनियां अभी भी सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं और जब तक उन्हें पूरी तरह भरोसा नहीं होगा, वे बड़ी संख्या में जहाज इस मार्ग पर भेजने से बचेंगी.

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