India Politics : पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद अंदरूनी असंतोष का सामना करना पड़ रहा है. पार्टी से अलग हुए एक गुट ने 20 सांसदों के समर्थन का दावा किया है. इसी बीच, बीते दिन बागी सांसदों के एक धड़े की पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात भी चर्चा में रही. इस घटनाक्रम पर शिवसेना (यूबीटी) की प्रतिक्रिया सामने आई है.
शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के दौरान जो नेता और जनप्रतिनिधि पार्टी नेतृत्व की प्रशंसा करते थे, वही अब परिस्थितियां बदलने पर अलग रुख अपनाते नजर आ रहे हैं, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जैसे डूबते जहाज से पहले चूहे निकलते हैं, वैसे ही राजनीतिक संकट के समय कुछ लोग दूरी बना लेते हैं.
संकट में साथ छोड़ने और बीजेपी पर बयान
उन्होंने आगे विभिन्न राजनीतिक दलों का उल्लेख करते हुए कहा कि संकट के समय कई बार लोग साथ छोड़ देते हैं, जबकि कुछ लोग अंत तक पार्टी के साथ खड़े रहते हैं. साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसी राजनीतिक हलचलों के पीछे किसी न किसी स्तर पर भारतीय जनता पार्टी की भूमिका की चर्चा होती रही है, भले ही वह सीधे तौर पर सामने न आती हो.
आनंद दुबे ने यह भी कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में दल-बदल और प्रतीक चिन्ह को लेकर चल रही खींचतान लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है और इस पर स्पष्ट व्यवस्था की जरूरत है, ताकि जनता के बीच भ्रम की स्थिति न बने.
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