Punjabराज्य

AAP का राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन, दलबदल करने वाले सांसदों को बताया ‘गद्दार’, सदस्यता रद्द करने की मांग तेज

AAP Protest Punjab : आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों के विरुद्ध पंजाब के हर जिले में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. सड़कें “पंजाब के गद्दार” के नारों से गूंज उठीं और गुस्से के रूप में दलबदलुओं के घरों की दीवारों पर “गद्दार” लिखा गया, इसे पंजाब के जनादेश के साथ ऐसा धोखा बताया गया जिसे माफ नहीं किया जा सकता.

जिला हेडक्वार्टर से लेकर औद्योगिक केंद्रों तक, जिसमें ट्राइडेंट ग्रुप के बाहर राजिंदर गुप्ता के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन भी शामिल था, आप नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में आम लोगों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किए. प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर अपना गुस्सा जाहिर किया और उन लोगों की खुलकर निंदा की जिन्होंने कथित तौर पर राजनीतिक फायदे के लिए पंजाबियों के भरोसे को कुचला है.

राज्यसभा सदस्यता रद्द करने की मांग

दलबदल को पंजाब की मिट्टी और आत्म-सम्मान के साथ बड़ा धोखा बताते हुए, आप ने मांग की कि इन सांसदों की राज्यसभा मेंबरशिप तुरंत रद्द की जाए. पार्टी ने स्पष्ट किया कि जो लोग दबाव और मौकापरस्ती की वजह से भाजपा का पक्ष लिया हैं, उन्हें पंजाब के लोग कभी स्वीकार नहीं करेंगे.

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने दलबदलुओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राज्यसभा का मतलब संसद में राज्य की आवाज बनना है. इन सदस्यों को पंजाब के मुद्दे उठाने के लिए भेजा गया था, लेकिन अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय वे भाजपा के साथ जा मिले. यह शर्मनाक काम तीन करोड़ पंजाबियों के साथ धोखा है, उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने ‘ऑपरेशन लोटस’ के तहत ईडी और सीबीआई की धमकी देकर इन नेताओं को जबरदस्ती पार्टी में शामिल किया है.

BJP पर सरकारें अस्थिर करने के आरोप

मंत्री लाल चंद कटारूचक ने भी इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि यह सांसद आप विधायकों के सहयोग से पंजाब के हितों को प्रतिनिधित्व करने के लिए चुने गए थे. पंजाब की आवाज उठाने के बजाय उन्होंने राज्य और पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा है. विपक्षी सरकारों को अस्थिर करने के भाजपा के ऐसे हथकंडे सबके सामने हैं.

लहरागागा में विरोध प्रदर्शन

लहरागागा में विरोध प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि खरीदने-बेचने की राजनीति भाजपा का इतिहास रहा है. इन लोगों के जाने से पंजाब की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन इनके असली चेहरे लोगों के सामने आ गए हैं. जो भी भाजपा में शामिल हुआ, उसे बाद में पछताना पड़ा. हम आम आदमी पार्टी की विचारधारा के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं.

जनादेश के दुरुपयोग का लगाया आरोप

विधायक बलकार सिंह सिद्धू ने कहा कि इन नेताओं का नाम इतिहास में गद्दारों के तौर पर लिखा जाएगा. आप ने उन्हें पहचान और पद दिए, लेकिन वे उस भरोसे को बनाए रखने में नाकाम रहे. पंजाब के लोग इस धोखे को कभी माफ नहीं करेंगे और ऐसे नेता राजनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ जाएंगे.

विधायक मनिंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि इन सांसदों को लोगों ने सीधे नहीं चुना था, बल्कि आप को मिले जनादेश से नॉमिनेट किया गया था, उन्होंने लोगों के भरोसे का गलत इस्तेमाल किया है. हम मांग करते हैं कि उनकी राज्यसभा मेंबरशिप तुरंत खत्म की जाए.

लोकतंत्र का अपमान बताया

आप नेताओं ने कहा कि पंजाब के लोगों ने पार्टी को ऐतिहासिक फतवा दिया था, जिसके बाद अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सात सदस्य राज्यसभा के लिए चुने गए थे. लेकिन, उनमें से छह ने अब सेंट्रल एजेंसियों के दबाव में आकर और अपने फायदे के लिए गैर-लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा का दामन थाम लिया हैं.

राजनीतिक रूप से होंगे गुमनाम

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए, आप के एक कार्यकर्ता ने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ गए हैं, उन्हें पंजाब के लोग जल्द ही भूल जाएंगे, जैसे पुराने दलबदलू राजनीतिक रूप से गुमनामी में चले गए थे, उन्होंने न केवल पार्टी बल्कि पूरे राज्य के साथ गद्दारी की है.

आप नेताओं ने दोहराया कि पार्टी राज्य लीडरशिप से लेकर जमीनी स्तर तक मजबूत और एकजुट है, उन्होंने कहा कि भाजपा की ऐसी हरकतें पार्टी को कमजोर नहीं कर सकतीं, उन्होंने इस पूरी घटना को भाजपा के “ऑपरेशन लोटस” का हिस्सा बताया, जिसका मकसद पंजाब में आप सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों में रुकावट डालना है.

ये भी पढ़ें- IRS Daughter Murder Case : ऑनलाइन गेमिंग और अश्लील लत में डूबा आरोपी, पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे

Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप

Related Articles

Back to top button