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अमित जोगी को HC ने सुनाई आजीवन कारावास, सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अमित जोगी की मुश्किलें बढ़ गई हैं. जग्गी हत्याकांड मामले में हाई कोर्ट ने अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई है जुर्माना भी लगाया है. हाई कोर्ट के इस फैसले को अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इस मामले की सुनवाई 20 अप्रैल को होगी.

23 साल बाद आए इस फैसले का रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने स्वागत किया है. अमित जोगी ने कहा, “मेरे साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है. अब मुझे सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद है.” वहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोर्ट के फैसले को स्वागत योग्य बताया, जबकि पीसीसी चीफ दीपक बैज इसे कोर्ट का मामला बताते हुए पल्ला झाड़ते दिखाई दिए.

हत्याकांड का संक्षिप्त विवरण

बता दें कि 4 जून 2003 को रायपुर में एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में कुल 31 लोग आरोपी बनाए गए थे, जिनमें से 3 बाद में सरकारी गवाह बन गए. निचली अदालत ने 31 मई 2007 को संदेह का लाभ देते हुए अमित जोगी को बरी कर दिया था. इसके बाद सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को भेजा.

हाई कोर्ट का फैसला

हाई कोर्ट ने अमित जोगी को IPC की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. कोर्ट ने यह भी कहा कि जुर्माना न चुकाने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा होगी.

राजनीतिक और सामाजिक महत्व

रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाई कोर्ट का यह फैसला कानून की समानता को दर्शाता है. 23 साल पुराने इस मामले में कोर्ट ने साफ किया कि जब सबूत समान हों तो सजा भी समान होनी चाहिए. इस फैसले ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है. जहां सरकार इसे सही ठहरा रही है, वहीं अमित जोगी इसे अन्याय बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से राहत की उम्मीद कर रहे हैं.

कुल मिलाकर मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है, जिसका असर छत्तीसगढ़ की राजनीति और जोगी परिवार के भविष्य दोनों पर पड़ेगा.

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