
Ram Mandir Donation Theft : अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावा राशि चोरी मामले में सोमवार को गिरफ्तार सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों की न्यायिक रिमांड 13 जुलाई तक बढ़ा दी। अब मामले की जांच कर रही एसआईटी आगे की कार्रवाई जारी रखेगी।
एसआईटी करेगी मामले के अन्य पहलुओं की जांच
अदालत के आदेश के बाद एसआईटी को जांच आगे बढ़ाने का समय मिल गया है। जांच एजेंसी जरूरत पड़ने पर मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी। अदालत में आरोपों पर अंतिम परीक्षण अभी होना बाकी है।
छह जून को सामने आया था चढ़ावा चोरी का मामला
गौरतलब है कि 6 जून को श्रीराम मंदिर की चढ़ावा धनराशि में गड़बड़ी और चोरी का मामला सामने आया था। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। एसआईटी ने जांच पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी।
रिपोर्ट मिलने के बाद 25 जून की शाम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। इसमें गणना प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, पर्यवेक्षणीय कर्मी सुभाष श्रीवास्तव और महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर उर्फ टिन्नू को आरोपी बनाया गया।
एसआईटी रिपोर्ट में कर्मचारियों की भूमिका आई सामने
एसआईटी की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि चढ़ावा राशि की गणना प्रक्रिया में तैनात कुछ कर्मचारियों ने भेंट और दान की धनराशि की चोरी की। जांच में पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारी निभा रहे सुभाष श्रीवास्तव और बैंक पर्यवेक्षणीय कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका भी प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई।
इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब मामले की विस्तृत जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
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