Delhi News : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया आज राजघाट पहुंचे, जहां उनके साथ नेता प्रतिपक्ष आतिशी भी मौजूद रहीं। तीनों नेताओं ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
निर्णय को दिया सत्याग्रह का नाम
इससे पहले अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को एक पत्र लिखकर बड़ा फैसला लिया। उन्होंने घोषणा की कि वे अब संबंधित मामले में न तो स्वयं पेश होंगे और न ही उनके वकील अदालत में बहस करेंगे। इस निर्णय को उन्होंने “सत्याग्रह” का नाम दिया है।
सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार रखा सुरक्षित
केजरीवाल ने अपने चार पन्नों के पत्र में लिखा कि यह फैसला उनकी अंतरात्मा की आवाज पर आधारित है और वे इसके परिणामों के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे उनके कानूनी हित प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन वे अपने रुख पर कायम रहेंगे। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार सुरक्षित रखा है।
मनीष सिसोदिया ने भी लिखा पत्र
पत्र में केजरीवाल ने महात्मा गांधी के सत्याग्रह सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह निर्णय केवल इस मामले तक सीमित है। उन्होंने न्यायपालिका से जुड़े कुछ पूर्व उदाहरणों का भी हवाला दिया। वहीं मनीष सिसोदिया ने भी पत्र में कहा कि उनके पक्ष से कोई वकील पेश नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें निष्पक्ष न्याय की उम्मीद नहीं दिखती, इसलिए उन्होंने इसे सत्याग्रह का मार्ग बताया।
सीबीआई ने हाईकोर्ट में दायर की अपील
गौरतलब है कि यह मामला दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े केस की सीबीआई अपील से संबंधित है, जिसमें ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। इसी फैसले के खिलाफ सीबीआई ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है, जिस पर सुनवाई न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा कर रही हैं। अदालत पहले ही केजरीवाल की उस याचिका को खारिज कर चुकी है, जिसमें उन्होंने जज को मामले से अलग करने की मांग की थी।
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