FSSAI Warning : FSSAI ने गर्मियों के मौसम में फलों, खासकर आम, को पकाने में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक रसायनों पर सख्त कदम उठाया है. आमतौर पर गर्मियों में आम का मौसम आने पर लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि फल प्राकृतिक रूप से पके हैं या उन्हें केमिकल से पकाया गया है. इसी चिंता को देखते हुए FSSAI ने फलों को केमिकल से पकाने पर रोक लगाई है.
दरअसल, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 16 अप्रैल को जारी नोटिस में कैल्शियम कार्बाइड और एथिलीन जैसे रसायनों के इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं. FSSAI के अनुसार ये रसायन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं और इन्हें सीधे खाद्य पदार्थों के संपर्क में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.
मंडियों और गोदामों में बढ़ेगी सख्त जांच
FSSAI ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे इस मामले में निगरानी बढ़ाएं, खासकर बड़ी मंडियों और भंडारण स्थलों पर जांच करें. आम जैसे मौसमी फलों के गोदामों में जाकर कैल्शियम कार्बाइड के उपयोग की जांच करने और इसके पाए जाने पर FSS Act की धारा 59 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही एसीटिलीन गैस की जांच के लिए टेस्टिंग पेपर के उपयोग को भी कहा गया है.
फलों का पकना और केमिकल पहचान
बता दें कि कई बार फलों को प्राकृतिक रूप से पकने में अधिक समय लगता है, जबकि बाजार में जल्दी आपूर्ति और भंडारण की जरूरत के कारण इन्हें कच्चा तोड़कर दूसरे स्थानों पर ले जाया जाता है और फिर रसायनों की मदद से पकाया जाता है. केमिकल से पके फलों की पहचान रंग और स्वाद से की जा सकती है. ऐसे फल बाहर से पूरी तरह पके हुए दिख सकते हैं, लेकिन अंदर से कच्चे या हल्के खट्टे हो सकते हैं. इन्हें खाने पर गले में हल्की जलन या अजीब स्वाद महसूस हो सकता है.
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