Supreme Court : NEET परीक्षा पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाओं पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने साफ कहा कि अदालत न तो पुलिस की ज्यादती को स्वीकार करेगी और न ही प्रदर्शन में शामिल आपराधिक तत्वों को राहत देगी.
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि यह किसी को भी गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि अत्याचार करने वाले पुलिस अधिकारियों को छोड़ दिया जाएगा. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को भी किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी.
सरकार ने छात्रों पर कार्रवाई नहीं चाहने की बात कही
वहीं, सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहती और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि इस संबंध में याचिकाकर्ताओं से भी बातचीत की गई है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों को राहत नहीं दी जा सकती जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और जो प्रदर्शन के दौरान छात्रों के बीच शामिल थे.
अपराधी तत्वों पर सख्त रुख
सॉलिसिटर जनरल ने कहा, “हम छात्रों पर कार्रवाई नहीं चाहते. इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. लेकिन छात्रों के बीच जो आपराधिक तत्व घुस आए थे, उन्हें राहत नहीं दी जा सकती.” सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान अदालत और केंद्र सरकार, दोनों ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों के बीच अंतर किया जाएगा.
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