Ayodhya News : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. एफआईआर दर्ज होने के बाद अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बयान भी दर्ज कर लिया गया है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर ट्रस्ट से जुड़े अन्य पदाधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे.
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने फिलहाल चंपत राय का बयान दर्ज किया है, लेकिन उनसे पूछताछ नहीं की गई है. सूत्रों के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने पर उनसे चढ़ावे की गणना की प्रक्रिया, दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में सवाल पूछे जा सकते हैं.
एसआईटी की एफआईआर में नाम नहीं
बताया जा रहा है कि इस मामले में दर्ज एसआईटी की एफआईआर में चंपत राय का नाम शामिल नहीं था. वहीं यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने नैतिक आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, उनकी भूमिका को लेकर उठ रहे सवाल अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं. सूत्रों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर पुलिस ट्रस्ट के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ कर सकती है.
तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन
गौरतलब है कि जब चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार सामने आया था, तब चंपत राय ने किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार किया था. बाद में मामला बढ़ने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया. अब तक इस प्रकरण में आठ लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और उनकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.
सियासी बयानबाजी जारी
उधर, इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है. विपक्षी दल लगातार चंपत राय की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं. समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि मामले में बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है. साथ ही पार्टी ने इस पूरे प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की मांग भी की है.
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