Leh Earthquake : लद्दाख के लेह में गुरुवार सुबह धरती हिलने से लोगों में दहशत फैल गई. सुबह करीब 6:05 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.5 दर्ज की गई.
भूकंप क्यों आता है, इसे समझने के लिए धरती की प्लेटों को जानना जरूरी है. धरती के अंदर मौजूद सात प्रमुख प्लेट्स लगातार गति करती रहती हैं. जिन इलाकों में ये प्लेट्स एक-दूसरे से ज्यादा टकराती हैं, उन्हें फॉल्ट लाइन जोन कहा जाता है.
प्लेट्स के लगातार टकराने से उनके किनारों पर दबाव बढ़ता है. जब यह दबाव ज्यादा हो जाता है तो प्लेट्स में टूटन या हलचल होती है. इसी दौरान धरती के भीतर जमा ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता तलाशती है और इसी प्रक्रिया से भूकंप के झटके महसूस होते हैं.
4.5 से ज्यादा तीव्रता पर बढ़ सकता है नुकसान
भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर मापी जाती है. 2.0 या उससे कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो भूकंप कहा जाता है, जिन्हें आमतौर पर लोग महसूस नहीं कर पाते. वहीं 7.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप को आमतौर पर खतरनाक माना जाता है. इसके अलावा 4.5 या उससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप में इमारतों और घरों को नुकसान पहुंचने की क्षमता रहती है.
पालघर में भी आए थे लगातार दो झटके
इससे पहले महाराष्ट्र के पालघर में सोमवार रात करीब एक घंटे के भीतर भूकंप के दो झटके महसूस किए गए थे. दोनों झटकों की तीव्रता 3.4 दर्ज की गई थी. पहला झटका रात 10:04 बजे आया था. इसके करीब 56 मिनट बाद रात 11 बजे फिर धरती हिली. लगातार दो झटकों से लोगों में डर फैल गया और कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. हालांकि, कुछ समय बाद स्थिति सामान्य हो गई थी.
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