Jodhpur Government School Protest : राजस्थान में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। जोधपुर जिले के लूनी विधानसभा क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में छात्रों ने शिक्षकों की कमी और खराब बुनियादी सुविधाओं के विरोध में स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का आरोप है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं और कई महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
11वीं और 12वीं के लिए शिक्षकों की कमी
प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की। विद्यार्थियों का कहना है कि कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए नियमित शिक्षकों की कमी है, जबकि छठी से दसवीं तक भी कई विषयों के पद खाली पड़े हुए हैं।
गणित पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक नहीं
छात्रों ने सबसे बड़ी समस्या गणित विषय को लेकर बताई। उनका कहना है कि उच्च कक्षाओं में बड़ी संख्या में विद्यार्थी होने के बावजूद गणित पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में स्कूल का अन्य स्टाफ यानि चपरासी कक्षा लेने को मजबूर है। हाल ही में विज्ञान विषय के शिक्षकों के तबादले के बाद स्थिति और ज्यादा खराब होने का दावा किया गया है।
जलभराव के कारण पढ़ाई हो रही प्रभावित
विद्यार्थियों और ग्रामीणों के मुताबिक, स्कूल की परेशानी केवल शिक्षकों की कमी तक सीमित नहीं है। मानसून की पहली बारिश के बाद स्कूल परिसर में पानी भर जाता है, जिससे छात्रों और शिक्षकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार जलभराव के कारण पढ़ाई प्रभावित होती है और बच्चों को परेशानियों के बीच समय बिताना पड़ता है।
कई बार विभाग को कराया गया अवगत
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार शिक्षा विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधियों के सामने भी यह मुद्दा रखा गया, लेकिन स्कूल की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो…
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार से शिक्षकों की नियुक्ति, खाली पदों को भरने और स्कूल की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर करने की मांग की। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर असर
लूनी के इस सरकारी स्कूल में छात्रों का विरोध शिक्षा व्यवस्था के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है कि जब स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और सुविधाएं नहीं होंगी, तो बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर इसका असर कैसे रोका जाएगा। अब नजर शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर है।
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