Delhi NCRराष्ट्रीय

मालवीय नगर अग्निकांड में मालिक हुआ डर कर फरार, लापरवाही की परतें खुली, 21 जिंदगियां हुई खत्म

Malviya Nagar Fire Incident : दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लोरिश में लगी भीषण आग ने सिर्फ एक इमारत को नहीं, बल्कि कई परिवारों की खुशियां भी राख कर दीं। बुधवार सुबह कुछ ही मिनटों में आग और धुएं ने पूरे होटल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे 21 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 17 विदेशी नागरिक थे, वहीं कई अन्य लोग घायल हुए। अब इस हादसे की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं।

मालिक गिरफ्तार, पूछताछ में कई खुलासे

हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने दावा किया कि होटल के रोजमर्रा के संचालन, बिलिंग और प्रबंधन की जिम्मेदारी अन्य लोगों के पास थी। उसने यह भी कहा कि होटल में किए गए कई निर्माण और बदलाव उसे “सामान्य प्रक्रिया” बताकर कराए गए थे। हालांकि जांच एजेंसियां इस दावे की सच्चाई को परख रही हैं। पुलिस की कई टीमें होटल के फरार मैनेजर और अन्य जिम्मेदार लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।

कैसे बना होटल मौत का जाल?

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी की गई थी। इमारत में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था, खिड़कियां बंद थीं और पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं थी। आग लगने के बाद धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया, जिससे कई लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।

जांच में यह भी सामने आया है कि जिस इमारत में सीमित कमरों की अनुमति थी, वहां कथित रूप से अधिक कमरे बना दिए गए थे। वहीं स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरण भी प्रभावी रूप से काम नहीं कर रहे थे।

राहत-बचाव में समय से दौड़े लोग

स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह अचानक धुएं और धमाकों जैसी आवाजों से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को बाहर निकालने में मदद की। दमकलकर्मियों ने भी घंटों की मशक्कत के बाद इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ लोग खिड़कियों और बालकनियों से लटककर मदद की गुहार लगा रहे थे, लेकिन आग और धुएं की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई लोगों को बचाया नहीं जा सका।

सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान

दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं शवों की पहचान और उन्हें परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी जारी है।

ये भी पढ़ें- पंजाब विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, 1,30,000 रुपए रिश्वत लेते ASI रंगे हाथों गिरफ्तार

Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप

Related Articles

Back to top button