Haryana

मुख्यमंत्री सैनी ने बागवानी राष्ट्रीय सम्मेलन में दिखाई ताकत, किसानों और वैज्ञानिकों को दी नई दिशा

Haryana News : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल में आयोजित बागवानी से संबंधित राष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और किसानों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के समक्ष अपने विचार साझा किए। सीएसएसआरआई (CSSRI) के परिसर में आयोजित इस सम्मेलन में देश के कोने-कोने से आए वैज्ञानिक, शोधकर्ता और कृषि विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्रित हुए।

भविष्य की नई इबारत लिखने का अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन में शामिल होकर उन्हें मन को प्रसन्नता और संतोष का अनुभव हो रहा है। उन्होंने महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय परिवार, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को इस आयोजन के लिए बधाई दी। सैनी ने इसे भारत की कृषि और बागवानी के भविष्य की नई इबारत लिखने का अवसर बताया।

बागवानी फसलों में उत्पादन और गुणवत्ता

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 14 हॉर्टिकल्चर साइंस सेंटर इस विश्वविद्यालय को समर्पित किए जा रहे हैं, जो किसानों तक नवीनतम तकनीकों और गुणवत्ता युक्त पौध सामग्री पहुंचाने तथा वैज्ञानिक परामर्श देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोग मुक्त और प्रमाणित पौध सामग्री बागवानी फसलों में उत्पादन और गुणवत्ता दोनों को 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ा सकती है।

भारत विश्व में दूसरा बड़ा उत्पादक

सैनी ने यह भी कहा कि विकसित देश अपनी कृषि नीति में सीड सिक्योरिटी और प्लांटिंग मटेरियल की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। भारत विश्व में फलों और सब्जियों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, जहां प्रतिवर्ष लगभग 360 मिलियन टन से अधिक बागवानी उत्पादन होता है। उन्होंने बताया कि हरियाणा ने हरित क्रांति में देश का नेतृत्व किया है।

तुलना में कई गुना अधिक पैदावार

मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल विविधीकरण और बागवानी आधारित कृषि मॉडल भविष्य में किसानों की खुशहाली का मार्ग बनकर उभर रहे हैं। आज हरियाणा के कई किसान ड्रिप इरीगेशन, पॉलीहाउस, नेट हाउस, हाई डेंसिटी प्लांटेशन और टिश्यू कल्चर आधारित खेती से पारंपरिक कृषि की तुलना में कई गुना अधिक पैदावार प्राप्त कर रहे हैं।

778 किसान उत्पादक समूहों का गठन

सैनी ने बागवानी क्षेत्र में किसानों के हित के लिए चलाई गई कल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सब्जियों और फलों के लिए भावांतर भरपाई योजना में 21 बागवानी फसलों के संरक्षित मूल्य निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा, फल एवं सब्जियों की ग्रेडिंग, भंडारण और मार्केटिंग के लिए 778 किसान उत्पादक समूहों का गठन किया गया है, जिसमें 1 लाख 25 हजार किसानों को जोड़ा गया।

कम पानी में अधिक उत्पादन

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वित्त वर्ष के बजट में सभी जिलों में स्मार्ट बागवानी तकनीकों के अंतर्गत कुल 1000 एकड़ क्षेत्र लाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें ऐसे बीज और पौध सामग्री विकसित करनी होगी जो कम पानी में अधिक उत्पादन दे, रोग प्रतिरोधक हो, अधिक पोषक हों और बदलती जलवायु के अनुरूप हों।

स्वस्थ समाज की आधारशिला

सैनी ने यह भी कहा कि गुणवत्तापूर्ण फल और सब्जियां केवल किसान की आय का साधन नहीं बल्कि स्वस्थ समाज की आधारशिला हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला में होने वाला अनुसंधान जब खेत तक पहुंचता है, तभी असली क्रांति होती है।

देश की बागवानी नीति को नई दिशा

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन में होने वाला विचार मंथन देश की बागवानी नीति को नई दिशा देगा, अनुसंधान को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा और करोड़ों किसानों के हित में नए द्वार खोलेगा।

ये भी पढ़ें- सोनीपत में नव निर्वाचित मेयर और पार्षदों का शपथ ग्रहण, सीएम नायब सिंह सैनी रहे मुख्य अतिथि

Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप

Related Articles

Back to top button