Chhattisgarh

डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन और विरासत पर चित्रकला कार्यशाला 19 जनवरी को

Raipur : अम्बेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) के चित्रकला विभाग के सहयोग से डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के जीवन, विचार और विरासत पर आधारित एकदिवसीय कला (चित्रकला) कार्यशाला का आयोजन 19 जनवरी 2026 को किया जा रहा है। यह कार्यशाला विश्वविद्यालय के चित्रकला विभाग परिसर में आयोजित होगी।

डॉ. अम्बेडकर की 135वीं जयंती

यह आयोजन भारतीय संविधान के शिल्पकार, महान विधिवेत्ता, दूरदर्शी अर्थशास्त्री, राष्ट्रनिर्माता, राजनीतिक चिंतक, समाज-सुधारक तथा ज्ञान और विवेक के वैश्विक प्रतीक डॉ. अम्बेडकर की 135वीं जयंती (14 अप्रैल) के अवसर पर एक रचनात्मक और बौद्धिक श्रद्धांजलि के रूप में किया जा रहा है।

विशेष अतिथि के रूप में होंगे शामिल

कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा मुख्य संरक्षक के रूप में उपस्थित रहेंगी। अम्बेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के राष्ट्रीय अध्यक्ष रुसन कुमार कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सौमित्र तिवारी भी कार्यक्रम की गरिमामयी उपस्थिति बढ़ाएंगे।

सामाजिक न्याय पर अपनी रचनात्मक व्याख्या

यह कार्यशाला विद्यार्थियों और उभरते कलाकारों के लिए एक ऐसा रचनात्मक मंच है, जहां वे चित्रों के माध्यम से डॉ. अम्बेडकर के जीवन, दर्शन और योगदान पर चिंतन कर सकेंगे। प्रतिभागियों को समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व, शिक्षा, संवैधानिक मूल्य और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर अपनी रचनात्मक व्याख्या प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया जाएगा- ये वे मूल्य हैं जो भारत की लोकतांत्रिक यात्रा की आधारशिला बने हुए हैं।

कानून के समक्ष समानता और सामाजिक न्याय

कार्यक्रम का उद्देश्य युवा कलाकारों को उन उच्च विचारों एवं आदर्शों से जोड़ना है जिन्होंने आधुनिक भारत को आकार दिया- संवैधानिक नैतिकता, कानून के समक्ष समानता और सामाजिक न्याय- ताकि वे इन स्थायी मूल्यों को प्रभावशाली दृश्य कथानकों में रूपांतरित कर सकें।

शिक्षा और संस्थागत सहयोग

अम्बेडकर चैंबर का नेतृत्व इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश देता है कि संस्था डॉ. अम्बेडकर के विचारों के प्रसार के लिए समकालीन मंचों, युवा सहभागिता, शिक्षा और संस्थागत सहयोग को लगातार मजबूत कर रही है।

रंगों के माध्यम से आंबेडकर के विचार

रुसन कुमार ने कहा, “कला केवल सौंदर्य का विषय ही नहीं है; बल्कि यह सामाजिक चेतना की भाषा भी है। यह चित्रकला कार्यशाला युवा कलाकारों को रंगों के माध्यम से आंबेडकर के विचार समझने और उन्हें समाज तक पहुँचाने का अवसर देगी।

प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूती

इस कार्यशाला की एक विशिष्ट अकादमिक और कलात्मक पहचान इसका सुदृढ़ नेतृत्व व संरक्षण ढांचा है। कार्यक्रम इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सौमित्र तिवारी के संरक्षण में आयोजित किया जा रहा है।

अकादमिक मार्गदर्शन और विभागीय समन्वय प्रो. मानस साहू (डीन, दृश्य कला संकाय) तथा डॉ. विकास चंद्र (चित्रकला विभाग) द्वारा किया जा रहा है। कुलसचिव के सक्रिय सहयोग और नेतृत्व से यह पहल विश्वविद्यालय की कला-आधारित शैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।

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