Bihar Ration Card : बिहार सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में 1 करोड़ नए राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं. इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को सरकारी राशन और खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल सकेगा, जो अब तक इससे वंचित थे.
राज्य सरकार इस अभियान को मिशन मोड में पूरा करने की तैयारी कर रही है, ताकि पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द योजना से जोड़ा जा सके.
समीक्षा बैठक में बना नए राशन कार्ड का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की समीक्षा बैठक की.
इस बैठक के दौरान 1 करोड़ नए राशन कार्ड बनाने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई. केंद्रीय मंत्री ने भी इस योजना पर सहमति जताई, जिसके बाद राज्य सरकार ने अभियान चलाकर नए राशन कार्ड बनाने की तैयारी शुरू कर दी.
1 करोड़ नए परिवारों को मिलेगा लाभ
सरकार का मानना है कि इस फैसले से राज्य के 1 करोड़ नए परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के दायरे में आ जाएंगे. इससे उन्हें सरकार की ओर से मुफ्त या रियायती दर पर मिलने वाले राशन का लाभ मिलेगा.
वर्तमान में बिहार में 2 करोड़ 3 लाख से अधिक परिवारों के पास राशन कार्ड हैं. नए अभियान के बाद इस संख्या में और वृद्धि होगी.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र लाभार्थियों का अद्यतन डाटाबेस तैयार किया जाए, ताकि योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ सही लोगों तक पहुंचे.
PDS को तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाने पर जोर
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों को राशन वितरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को खाद्यान्न लेने में परेशानी न हो.
साथ ही सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया.
खाद्यान्न गोदामों की व्यवस्था होगी मजबूत
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के सभी खाद्यान्न गोदामों की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि गोदामों में सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि खाद्यान्न खराब न हो और जरूरत पड़ने पर समय पर वितरण किया जा सके.
इसके अलावा सभी गोदामों में बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया. सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक भरोसेमंद और आधुनिक बनाना है.
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