Iran US War Impact : अमेरिका- ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बढ़ोतरी कर दी है. वहीं, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क को कम किया गया है. नई दरें 16 जुलाई से लागू हो गई हैं.
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, डीजल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 15.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. इसी तरह, ATF के निर्यात पर टैक्स 7.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 14.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. दूसरी ओर, पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क 4 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.
अमेरिका-ईरान तनाव का असर
सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और तेल कंपनियों के मुनाफे को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है. इसी प्रक्रिया के तहत यह बदलाव किया गया है.
जुलाई में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 17 प्रतिशत तक बढ़ चुका है. वहीं, इसकी कीमत करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84.73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है. विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पैदा हुए जोखिम ने तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं.
गौरतलब है कि 1 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में गिरावट के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने ATF के दाम में करीब 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी. अब कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सरकार ने विंडफॉल टैक्स की नई दरें लागू कर दी हैं.
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