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शैक्षणिक दस्तावेज़ों की डिजिटल वेरिफिकेशन के लिए “ई-सनद” शुरू करने वाला दूसरा राज्य बना पंजाब

Punjab News : राज्य के विद्यार्थियों के लिए लाइनों में खड़े रहने, काग़ज़ी कार्यवाही और हफ्तों की लंबी प्रतीक्षा को समाप्त करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी शैक्षणिक दस्तावेज़ों की ऑनलाइन सत्यापन और प्रमाणीकरण के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म “ई-सनद” लॉन्च किया है। इसके साथ ही पंजाब यह डिजिटल सेवा शुरू करने वाला भारत का दूसरा राज्य बन गया है।

“ई-सनद” से मिलने वाला लाभ

यहाँ पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की “ई-सनद” सेवा की शुरुआत के साथ बोर्ड के वर्तमान और पूर्व विद्यार्थी विस्तृत अंक-सूची (डीएमसी) और प्रमाणपत्रों का ऑनलाइन सत्यापन अब मात्र कुछ ही दिनों में करवा सकेंगे, जबकि पहले इसमें 40–45 दिन लगते थे। सरकार के अनुसार, इस कदम से पंजाब स्कूल बोर्ड से हर वर्ष पास होने वाले हज़ारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा तथा बोर्ड द्वारा जारी प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता बढ़ेगी। साथ ही उच्च शिक्षा, रोज़गार और विदेश जाने के लिए तेज़ी से सत्यापन सुनिश्चित हो सकेगा।

इस डिजिटल सेवा के शुभारंभ के बाद पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह सुविधा पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध है, जिन्हें बोर्ड द्वारा जारी मार्कशीट और प्रमाणपत्रों का उच्च शिक्षा, रोज़गार, पेशेवर आवश्यकताओं तथा विदेशों में सत्यापन करवाने की आवश्यकता होती है।

“ई-सनद” को लागू करने वाला पंजाब भारत का दूसरा राज्य

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब “ई-सनद” को लागू करने वाला भारत का दूसरा राज्य बन गया है, जो बोर्ड की डिजिटल गवर्नेंस और निर्बाध सेवाएँ प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है तथा इसके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की वैश्विक विश्वसनीयता को और सुदृढ़ करता है।

ये विद्यार्थी उठा सकते हैं लाभ

शिक्षा मंत्री ने बताया कि बोर्ड से संबद्ध स्कूलों से प्रतिवर्ष पास होने वाले लगभग 3 लाख विद्यार्थी और पूर्व वर्षों के पास-आउट विद्यार्थी अब इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि “ई-सनद” के अंतर्गत बोर्ड अपने रिकॉर्ड के अनुसार दस्तावेज़ों का डिजिटल रूप से सत्यापन करता है और उन्हें विदेश मंत्रालय (एमईए) के माध्यम से प्रमाणित किया जाता है। यह सेवा हेग कन्वेंशन देशों (अपोस्टिल) तथा गैर-हेग देशों (एमईए के साथ-साथ दूतावास सत्यापन, यदि आवश्यक हो) को कवर करती है।

स. बैंस ने कहा कि इस सेवा की शुरुआत से हर वर्ष हज़ारों वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा और सेवा प्रदान करने की समय-सीमा 40–45 दिनों से घटाकर मात्र कुछ दिनों तक कर दी गई है, जिससे अधिक दक्षता, पारदर्शिता और निर्बाध सुविधाएँ सुनिश्चित होंगी।

बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट

प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी साझा करते हुए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि आवेदकों की सुविधा के लिए ई-सनद पोर्टल का लिंक, ऑनलाइन भुगतान गेटवे और आवेदन से संबंधित चरण-दर-चरण जानकारी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (www.pseb.ac.in) पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और काग़ज़-रहित है तथा इस सेवा के लिए बोर्ड के मुख्य कार्यालय आने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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