Punjab Monsoon 2026 : पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि राज्य में मानसून सीजन को लेकर सरकार द्वारा पूर्ण तैयारियां की गई हैं ताकि किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटा जा सके।
मानसून सीजन के दौरान बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से राज्य के लोगों की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कैबिनेट मंत्री ने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में लोगों की जान-माल, कृषि योग्य भूमि और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत निगरानी प्रणाली और सुरक्षा ढांचा तैयार किया है।
पूर्ण रूप से अमल में लाए गए प्रबंध
उन्होंने पौंग डैम में पानी के स्तर का जायजा लेते हुए बताया कि डैम में पानी का स्तर 1322 फीट है, जो पिछले साल इसी दिन 1328 फीट था। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में पानी के स्तर में गिरावट दर्ज की गई है और राज्य में मानसून सीजन को लेकर प्रबंध पूर्ण रूप से अमल में लाए गए हैं।
ठोस बाढ़ रोकथाम प्रबंध शामिल
उन्होंने कहा कि उन्होंने दोआबे में दो दिनों में विभिन्न विकास कार्यों की शुरुआत करने के अलावा मानसून सीजन के लिए तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में बाढ़ सुरक्षा और ड्रेनेज प्रबंधन संबंधी किए जा रहे कार्यों में ड्रेनों की सफाई, बोल्डर स्टोन (बड़े पत्थरों से) और हाइब्रिड सुरक्षा कार्य, बांधों को ऊंचा व मजबूत करना, फ्लड कंट्रोल गेटों की कार्यक्षमता और संवेदनशील स्थानों पर ठोस बाढ़ रोकथाम प्रबंध शामिल हैं।
सुरक्षा ढांचे की निरंतर निगरानी सुनिश्चित
कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए सभी संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए और नदियों, ड्रेनों, बांधों तथा बाढ़ सुरक्षा ढांचे की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी हिदायत दी कि जहां भी कोई कमी नजर आए, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं ताकि मानसून के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
लगभग 450 करोड़ रुपए किए गए खर्च
उन्होंने बताया कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों में 101 बोल्डर स्टोन और हाइब्रिड सुरक्षा कार्य, 17 बांधों को ऊंचा करना, 22 बांध मजबूत करना, 188 ड्रेनों की सफाई और पांच बाढ़ कंट्रोल गेट संचालन कार्य शामिल हैं, जिन पर लगभग 450 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
फील्ड अधिकारियों को मानसून सीजन के दौरान सतर्क रहने का निर्देश देते हुए कैबिनेट मंत्री ने उन्हें बाढ़ वाली संवेदनशील जगहों पर 24 घंटे चौकसी रखने और हर इमरजेंसी स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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