Uttar Pradesh

प्यार, रिश्तेदारी और मौत : हाथ पकड़कर ट्रेन के आगे कूदे जीजा और साली

Ritesh And Muskaan : उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां रेलवे ट्रैक पर मिले दो शवों ने न केवल पुलिस बल्कि आम लोगों को भी चौंका दिया. ‘प्यार, रिश्तेदारी और मौत’ के इस त्रिकोण ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं. बृहस्पतिवार की रात करीब 3 बजे, जब सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे तभी कोतवाली देहात क्षेत्र के खदरा फाटक के पास जीजा-साली हाथ में हाथ डाले रेलवे ट्रैक पर खड़े हो गए. इसके बाद तेज रफ्तार ट्रेन उनके ऊपर से गुजर गई. हादसा इतना भयावाह था कि दोनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए और पहचान करना मुश्किल हो गया. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शिनाख्त शुरू की, तो धीरे-धीरे कहानी की परतें खुलती गईं.

जीजा-साली का दर्दनाक अंत और पहचान का सच

मृतक युवक की पहचान रितेश कुमार सिंह, निवासी गडेउरा, बघौली और युवती की पहचान मुस्कान, निवासी सुमेरपुर, मल्लावां के रूप में हुई. जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया. रितेश, मुस्कान के सगे जीजा का बड़ा भाई था, यानी दोनों के बीच रिश्ता जीजा-सा‍ली का था. शवों की स्थिति इतनी भयावह थी कि चेहरा पहचानना नामुमकिन हो गया था. रितेश के भाई ने उसके बाएं कान के पीछे तिल और कपड़ों से पहचान की, जबकि मुस्कान की मां ने बेटी के कपड़ों के आधार पर शिनाख्त की.

रितेश हरियाणा फैक्ट्री और हरदोई यात्रा

मिली जानकारी के अनुसार, रितेश हरियाणा की एक फैक्ट्री में काम करता था और अविवाहित था. दोपहर में उसके भाई ने फोन पर बताया था कि वह हरदोई आ रहा है. रितेश बुआ के घर सामान रखने का कहकर लखनऊ जाने के लिए निकला था, लेकिन सुबह उसकी लाश मिली.

वही, मुस्कान मंगलवार को अपने घर से ‘दवा लेने’ के बहाने निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. परिवार उसे खोजते रहे, वहीं वह मौत के सफर पर निकल चुकी थी.

रितेश-मुस्कान की मौत और प्रेम

बुधवार रात रितेश हरदोई पहुंचा और दोनों खदरा फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर मृत पाए गए. इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध था. 3 जुलाई 2024 को रितेश के छोटे भाई की शादी मुस्कान की बड़ी बहन से हुई थी. शादी के बाद रितेश का मुस्कान के घर आना-जाना बढ़ा और इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया. कयास लगाए जा रहे हैं कि सामाजिक मर्यादा और रिश्तों की पाबंदियों के कारण जब उन्हें अपना भविष्य असुरक्षित नजर आया, तो उन्होंने मौत को अपनाना बेहतर समझा.

हालांकि, परिवार के लोग इस मामले पर चुप्पी साध ली है और कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे हैं. पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है.

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