Punjab News : पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज विधानसभा में बताया कि अबोहर और बल्लूआना विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत मलूकपुर, पंजावा और लंबी रजबाहों की टेलों पर स्थित खेतों तक नहर नेटवर्क की क्षमता के अनुसार आवश्यक नहरी पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
नहरी पानी की कमी होने का दावा
पंजाब विधानसभा में अबोहर के विधायक संदीप जाखड़ द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में जल संसाधन मंत्री ने कहा कि इन रजबाहों की टेलों पर स्थित खेतों तक नहरी पानी की कमी होने का दावा सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इसकी पुष्टि धान सीज़न के दौरान लिए गए टेल-गेज आंकड़ों से होती है क्योंकि टेलों पर लगभग स्वीकृत डिस्चार्ज के अनुसार पानी प्रवाहित हो रहा है।
फिरोजपुर फीडर में पानी का प्रवाह
गोयल ने बताया कि मलूकपुर, पंजावा और लंबी रजबाहों को सरहिंद फीडर से पानी मिलता है, जबकि सरहिंद फीडर को फिरोजपुर फीडर से जलापूर्ति होती है। उन्होंने कहा कि फिरोजपुर फीडर में पानी का प्रवाह हरिके पत्तन पर उपलब्ध जल पर निर्भर करता है।
नहरी पानी की उपलब्धता में सुधार
पंजाब सरकार द्वारा नहर नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में फिरोजपुर फीडर की क्षमता वर्ष 2017-22 के दौरान 11,192 क्यूसेक से बढ़ाकर 13,873 क्यूसेक कर दी गई है। उन्होंने कहा कि 2,681 क्यूसेक (लगभग 24 प्रतिशत) की इस वृद्धि से क्षेत्र में नहरी पानी की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
चौड़ाई और गहराई बढ़ाने का कार्य
उन्होंने बताया कि वर्ष 1954-55 में निर्मित फिरोजपुर फीडर की क्षमता में कई दशकों तक कोई वृद्धि नहीं की गई थी। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इस नहर को मज़बूत करने, कंक्रीट लाइनिंग कराने तथा इसकी चौड़ाई और गहराई बढ़ाने का कार्य कराया, जिससे इसकी जल वहन क्षमता में 2,681 क्यूसेक की वृद्धि हुई। इसी प्रकार सरहिंद फीडर की क्षमता भी 4,703 क्यूसेक से बढ़ाकर 7,000 क्यूसेक कर दी गई है, जिससे इसकी क्षमता में 2,297 क्यूसेक (लगभग 24 प्रतिशत) की वृद्धि हुई है।
रोटेशन प्रणाली के स्थान पर निरंतर जलापूर्ति
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि पहले सरहिंद फीडर से पंपिंग स्टेशनों के माध्यम से अबोहर और फाजिल्का क्षेत्रों को पानी की आपूर्ति की जाती थी, जिसके कारण अक्सर पानी की कमी बनी रहती थी। नहर नेटवर्क की क्षमता बढ़ने के बाद अब रोटेशन प्रणाली के स्थान पर निरंतर जलापूर्ति की जा रही है।
डिजाइन क्षमता लगभग 36,000 क्यूसेक
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में मौजूदा नहर नेटवर्क की जल वहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। जहां नहरी प्रणाली की डिजाइन क्षमता लगभग 36,000 क्यूसेक है, वहीं वर्तमान में पंजाब की नहरों में फ्री-बोर्ड क्षेत्र सहित लगभग 39,000 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है।
नहरी पानी उपलब्ध कराना संभव हुआ
गोयल ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब सरकार ने राज्य की मौजूदा नहर प्रणाली की क्षमता में लगभग 12,000 से 13,000 क्यूसेक की वृद्धि की है, जो एक अतिरिक्त भाखड़ा नहर के बराबर है। उन्होंने कहा कि मौजूदा नहरी ढांचे में किए गए इस महत्वपूर्ण विस्तार से बिना कोई नई नहर बनाए कृषि क्षेत्रों को अतिरिक्त नहरी पानी उपलब्ध कराना संभव हुआ है।
फसल को सहारा देने में अहम योगदान
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि नहरी पानी की बढ़ी हुई उपलब्धता ने मौजूदा सूखे जैसे हालात के दौरान किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है और पूरे राज्य में सिंचाई की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि टेलों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों ने वर्तमान में कम वर्षा के बावजूद धान की फसल को सहारा देने में अहम योगदान दिया है।
सीज़न के दौरान नहीं पहुंचता था पानी
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अबोहर और खुइयां सर्वर ब्लॉक की टेलों पर स्थित अनेक गांवों तक पिछले एक दशक में पहली बार नहरी पानी पहुंचा है। उन्होंने बताया कि किक्कर खेड़ा, गुम्मजाल, झुम्मियांवाली और तूतवाला सहित कई गांवों की टेलों तक वर्ष 2022 से पहले सिंचाई सीज़न के दौरान नहरी पानी नहीं पहुंचता था।
200 से अधिक खालों का निर्माण एवं…
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने केवल नहरों के माध्यम से जलापूर्ति में सुधार ही नहीं किया, बल्कि अंतिम छोर तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए सिंचाई नेटवर्क को भी सुदृढ़ किया है। अबोहर क्षेत्र में लगभग 200 से अधिक खालों का निर्माण एवं नवीनीकरण किया गया है तथा पाइपलाइनें बिछाई गई हैं, ताकि नहरी पानी सीधे किसानों के खेतों तक पहुंच सके।
स्वीकृत डिस्चार्ज के अनुसार मिला पानी
पूरक प्रश्न के उत्तर में गोयल ने कहा कि विभाग द्वारा तिथि-वार टेल-गेज रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है और यह आंकड़े निरीक्षण के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित रजबाहों की टेलों को स्वीकृत डिस्चार्ज के अनुसार पानी मिला है तथा कुछ अवसरों पर दर्ज जलापूर्ति निर्धारित डिस्चार्ज से भी अधिक रही है।
दशकों से नहरी पानी से रहे वंचित
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के प्रत्येक क्षेत्र के किसानों को समान आधार पर नहरी पानी का वितरण सुनिश्चित करने तथा विश्वसनीय सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, विशेष रूप से उन इलाकों में जो दशकों से नहरी पानी से वंचित रहे हैं।
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