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शहीद दिवस पर गांधी जी की 78वीं पुण्यतिथि, जीवन, शिक्षाओं और अहिंसा के आदर्शों को याद करने का अवसर

Mahatma Gandhi Death Anniversary 2026 : हर साल 30 जनवरी को भारत महात्मा गांधी की पुण्यतिथि मनाता है, जिसे शहीद दिवस के रूप में भी जाना जाता है. यह दिन राष्ट्र के अग्रणी नेता के जीवन और विरासत तथा शांति, न्याय और स्वतंत्रता के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है.

2026 में यह दिन महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि का प्रतीक है, जिनकी हत्या 1948 में हुई थी. महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को मोहनदास करमचंद गांधी के रूप में हुआ था. वे एक वकील, उपनिवेशवाद विरोधी राष्ट्रवादी और नैतिक नेता थे, जिन्होंने भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन को चुनौती देने के लिए अहिंसक प्रतिरोध (सत्याग्रह) की विधि अपनाई.

नव स्वतंत्र भारत में गहरा सदमा

अहिंसा के उनके दर्शन और सत्य तथा सादगी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें भारत और दुनिया भर में गहरा सम्मान दिलाया. इस दिन को यादगार बनाने वाली दुखद घटना 30 जनवरी 1948 को घटी, जब गांधी जी को नई दिल्ली के बिड़ला हाउस (अब गांधी स्मृति) में एक प्रार्थना सभा के दौरान नाथूराम गोडसे ने नजदीक से गोली मार दी थी. उस समय उनकी उम्र 78 वर्ष थी. उनकी हत्या ने नव स्वतंत्र भारत में गहरा सदमा पैदा किया और यह भारतीय इतिहास के सबसे मार्मिक क्षणों में से एक माना जाता है.

गांधी जी और स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत को सम्मान

सन् 1948 से 30 जनवरी को भारत में आधिकारिक रूप से शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि गांधी जी की शहादत को याद किया जा सके और उन सभी शहीदों को भी सम्मानित किया जा सके जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी.

प्रार्थना सभाओं व शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित

इस दिन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति दिल्ली में गांधी जी के स्मारक राजघाट पर पुष्पांजलि समारोह में भाग लेते हैं और सम्मान के प्रतीक के रूप में सुबह 11 बजे राष्ट्रव्यापी स्तर पर दो मिनट का मौन रखा जाता है. विद्यालय, नागरिक संस्थान और सांस्कृतिक संस्थाएं गांधी की शिक्षाओं और सिद्धांतों पर चिंतन करने के लिए सेमिनार, प्रार्थना सभाएं और शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं.

सहिष्णुता और एकता के मूल्यों से जुड़ा

शहीद दिवस शब्द का प्रयोग अन्य ऐतिहासिक बलिदानों को याद करने के लिए भी किया जाता है, उदाहरण के लिए, 23 मार्च को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को याद किया जाता है, लेकिन 30 जनवरी गांधी जी के शांति, सहिष्णुता और एकता के मूल्यों पर प्रभाव से विशिष्ट रूप से जुड़ा हुआ है.

स्वतंत्रता संग्राम और वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश

शहीद दिवस केवल गांधी जी की मृत्यु को याद करने का अवसर नहीं है. यह उनके सत्य और अहिंसा के मूल आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान है. उनके नेतृत्व ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विश्व भर में नागरिक अधिकार आंदोलनों को प्रेरित किया. आज गांधी की विरासत मानवाधिकार, सांप्रदायिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण और संघर्ष समाधान पर वैश्विक चर्चाओं में गूंजती है.

महात्मा गांधी के 10 प्रेरणादायक उद्धरण

  • “दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, खुद वही बदलाव बनें.”
  • “ऐसे जियो जैसे कल ही मरना हो. ऐसे सीखो जैसे हमेशा जीना हो.”
  • “आंख के बदले आंख से तो पूरी दुनिया अंधी हो जाएगी.”
  • “कमजोर लोग कभी क्षमा नहीं कर सकते. क्षमा करना बलवानों का गुण है.”
  • “एक विनम्र तरीके से, आप दुनिया को हिला सकते हैं.”
  • “खुद को खोजने का सबसे अच्छा तरीका है दूसरों की सेवा में खुद को खो देना.”
  • “अगर स्वतंत्रता में गलतियाँ करने की स्वतंत्रता शामिल नहीं है, तो वह स्वतंत्रता पाने का कोई मतलब नहीं है.”
  • “खुशी तब होती है जब आपके विचार, आपके शब्द और आपके कार्य सामंजस्यपूर्ण हों.”
  • “ताकत शारीरिक क्षमता से नहीं, बल्कि अदम्य इच्छाशक्ति से आती है.”
  • “अहिंसा मानव जाति के पास उपलब्ध सबसे बड़ी शक्ति है.”

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