
US India Trade : भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार समझौते की बातचीत के बीच यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) की नई रिपोर्ट ने तनाव बढ़ा दिया है। रिपोर्ट में भारत समेत कई देशों को उन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया गया है, जिन पर कथित तौर पर गलत व्यापारिक तरीकों और जबरन श्रम से जुड़े मुद्दों को लेकर पर्याप्त कदम न उठाने के आरोप लगाए गए हैं।
भारत समेत कई देशों पर USTR की टिप्पणी
USTR ने सेक्शन 301 के तहत की गई 60 जांचों के निष्कर्ष जारी किए हैं। इनमें भारत को उन 54 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया गया है, जिनके बारे में कहा गया है कि उनके पास जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त प्रभावी व्यवस्था नहीं है। रिपोर्ट में अल्जीरिया, ब्राजील, चीन, पाकिस्तान, वियतनाम और अन्य देशों का भी उल्लेख किया गया है।
टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव और नई व्यापार व्यवस्था
रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित देशों से आने वाले आयात पर 10% से 12.5% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही टेक्सटाइल और कपड़ा क्षेत्र के लिए एक अलग व्यवस्था का सुझाव भी दिया गया है, जिसके तहत सीमित मात्रा में आयात को कम टैरिफ दर पर अनुमति दी जा सकती है।
अमेरिकी पक्ष का तर्क
यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने कहा कि जबरन श्रम से जुड़े मुद्दों को हल करने में प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की विफलता स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना है कि इससे वैश्विक व्यापार में असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति पैदा होती है और अमेरिकी श्रमिकों पर दबाव बढ़ता है।
सेक्शन 301 क्या है?
सेक्शन 301, अमेरिकी व्यापार कानून 1974 का हिस्सा है, जो USTR को विदेशी व्यापार नीतियों की जांच करने का अधिकार देता है। यदि किसी देश की नीतियों को अमेरिकी व्यापार हितों के खिलाफ पाया जाता है, तो अमेरिका टैरिफ बढ़ाने, व्यापार प्रतिबंध लगाने या अन्य सुधारात्मक कदम उठा सकता है।
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