Delhi News : संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति साफ कर दी है. पार्टी ने संकेत दिए हैं कि वह केंद्र सरकार के कई संभावित विधेयकों का संसद के भीतर और बाहर विरोध करेगी. इस संबंध में कांग्रेस की पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी कमेटी की बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली, जिसके बाद पार्टी नेताओं ने अपनी स्थिति स्पष्ट की.
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और सांसद नासिर हुसैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पार्टी परिसीमन (Delimitation), संविधान संशोधन, ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’, एफसीआरए संशोधन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित बदलावों का विरोध करेगी.
19 जुलाई को होगी सर्वदलीय बैठक
जयराम रमेश ने कहा कि सरकार ने अभी तक औपचारिक रूप से यह जानकारी साझा नहीं की है कि मानसून सत्र में कौन-कौन से विधेयक पेश किए जाएंगे, उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को होने वाली सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस सरकार से इस बारे में स्पष्ट जानकारी मांगेगी. इसके साथ ही पार्टी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाएगी.
कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं. जयराम रमेश के मुताबिक, विपक्ष के नेताओं की बात सुनी तो जाती है, लेकिन उनके सुझावों को गंभीरता से नहीं लिया जाता.
संविधान संशोधन प्रस्तावों का भी विरोध
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार परिसीमन से संबंधित कोई विधेयक लाती है, तो उसका पूरी ताकत से विरोध किया जाएगा. कांग्रेस इस मुद्दे पर विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश भी करेगी. वहीं, संविधान संशोधन से जुड़े प्रस्तावों का भी विरोध करने की बात कही गई है.
इसके अलावा, कांग्रेस ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़े किसी भी विधेयक और एफसीआरए संशोधन के साथ-साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित बदलावों का भी विरोध करने का फैसला किया है. संसद के आगामी मानसून सत्र में इन मुद्दों पर सियासी टकराव देखने को मिल सकता है.
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