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ई-रिक्शा को मोबाइल से बंद करने के मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, प्ले स्टोर से हटाए गए दो ऐप

E-Rickshaw : इन दिनों ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि चीनी स्मार्टफोन ऐप BAT-BMS के जरिए ई-रिक्शा को रिमोट तरीके से बंद किया जा सकता है. इस मामले पर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि उसके संज्ञान में ऐसे दो ऐप आए थे, जिन्हें संबंधित ऐप स्टोर से हटा दिया गया है.

आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि ऐप स्टोर को इस तरह के मामलों में पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए, उन्होंने बताया कि सरकार इस मुद्दे पर ऐप स्टोर संचालकों से बातचीत करेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नुकसान पहुंचाने वाले ऐप आम लोगों के लिए उपलब्ध न रहें.

सरकार ने हटवाए दो ऐप

कार्रवाई की पुष्टि करते हुए एस. कृष्णन ने कहा, “यह सही है… कुछ ऐप कल हमारे संज्ञान में आए थे और उन दोनों को ऐप स्टोर से हटा दिया गया है,” उन्होंने यह बात CII साइबर सिक्योरिटी समिट के दौरान कही.

यह मामला गुरुवार को उस समय चर्चा में आया, जब ऐसी रिपोर्टें सामने आईं कि कुछ ई-रिक्शा को BAT-BMS ऐप से जुड़े रिमोट शटडाउन फीचर के जरिए बीच रास्ते में बंद किया जा रहा था. इस घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इंटरनेट से जुड़े व्हीकल मैनेजमेंट सिस्टम की साइबर सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे.

जानिए BAT-BMS ऐप की पूरी जानकारी

हालांकि, यह ऐप इस विवाद से पहले ही Google Play Store और Apple App Store पर उपलब्ध था. इसे Shenzhen Grenergy Technology ने Bluetooth-इनेबल्ड लिथियम-आयन बैटरियों की निगरानी और प्रबंधन के लिए विकसित किया था. BAT-BMS को किसी हैकिंग टूल के रूप में नहीं बनाया गया था, बल्कि यह बैटरी से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने वाला एक साथी ऐप था.

इस ऐप के जरिए बैटरी का वोल्टेज, तापमान और चार्ज साइकल जैसी जानकारियां देखी जा सकती थीं. इसके अलावा, यह बैटरी के रखरखाव में मदद करने के साथ जरूरत पड़ने पर डिस्चार्ज फंक्शन को बंद करने की सुविधा भी देता था.

ऐप का ऐसे उठाया गया गलत फायदा

रिपोर्ट के मुताबिक, BAT-BMS जैसे ऐप के जरिए लगभग 10 से 15 मीटर की Bluetooth रेंज के भीतर मौजूद कोई भी व्यक्ति बिना किसी अतिरिक्त सत्यापन के बैटरी से कनेक्ट हो सकता था. हालिया घटनाओं में कुछ लोगों ने इसी सुविधा का दुरुपयोग किया. वे पास खड़े ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट होकर उसे बीच सफर में बंद कर देते थे, जिससे चालक और यात्री दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता था.

अब ऐसे सॉफ़्टवेयर की होगी कड़ी जांच

इन घटनाओं के बाद इस तरह की कनेक्टेड तकनीकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने स्पष्ट किया कि आम उपयोग के लिए ऐसे सॉफ़्टवेयर उपलब्ध कराने से पहले उनकी कड़ी जांच सुनिश्चित की जाएगी.

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