Jharkhand

झारखंड में रेल पुलिस को बड़ी सफलता : फरक्का एक्सप्रेस से 662 कछुए बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार

Wildlife Crime : झारखंड के साहिबगंज जिले में रेल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. बरहरवा आरपीएफ ने तत्परता दिखाते हुए फरक्का एक्सप्रेस से प्रतिबंधित कछुओं की बड़ी खेप बरामद की. इस कार्रवाई में पुलिस ने 3 अंतरराज्यीय कछुआ तस्करों को भी गिरफ्तार किया, जो कछुओं को उत्तर प्रदेश से पश्चिम बंगाल ले जाने की योजना बना रहे थे.

आरपीएफ जवानों ने 15734 डाउन फरक्का एक्सप्रेस में गहन तलाशी अभियान चलाया. तलाशी के दौरान 22 संदिग्ध बैग बरामद किए गए. जिन्हें खोलने पर अधिकारी हैरान रह गए. इन बैगों मे छोटे-बड़े कुल 662 से अधिक प्रतिबंधित कछुए भरे हुए थे. कछुओं की हालत देखकर साफ था कि तस्करी बेहद अमानवीय तरीके से की जा रही थी.

साहिबगंज में कछुआ तस्कर गिरफ्तार

वहीं, आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार को इस रूट से तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी. सूचना के बाद टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया. साहिबगंज से ट्रेन खुलते ही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई और तालझारी पहुंचते-पहुंचते तीनों तस्करों को धर दबोचा गया. मौके पर ही बैगों की जांच कर कछुओं की खेप को बरामद कर ली गई.

बनारस से कछुए ले जाने का मामला

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी करण पत्रकट, कुसमा पत्रकट और मंजू पत्रकट के रूप में हुई है. पूछताछ में पता चला कि कछुए बनारस से खरीदे गए थे और उन्हें पश्चिम बंगाल के फरक्का ले जाया जा रहा था. शुरूवाती जांच में अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के संकेत भी मिले हैं.

कछुओं की सुरक्षा के लिए वन विभाग से संपर्क

आरपीएफ ने बरामद कछुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग से संपर्क किया है, ताकि उन्हें नियमों के अनुसार सुपुर्द किया जा सके. वहीं, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है. अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे नेटवर्क को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.

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