Rohtak Pakhanda Khandan Sammelan : रोहतक स्थित दयानंद मठ में आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा की ओर से पाखंड खंडन सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कई राज्यों से आर्य समाज के प्रतिनिधि और विद्वान शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में फैल रहे पाखंड के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना बताया गया।
विद्वानों ने रखे अपने विचार
सम्मेलन में वक्ताओं ने संत रामपाल दास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे। आर्य प्रतिनिधि सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज में धार्मिक आस्था के नाम पर होने वाले अंधविश्वास और गलत परंपराओं के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प भी जताया।
आर्य समाज ने संघर्ष जारी रखने की बात कही
आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के उपप्रधान उमेद सिंह ने कहा कि पाखंड के खिलाफ आर्य समाज ने अभियान शुरू किया है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में कई विद्वानों को आमंत्रित किया गया, जिन्होंने धार्मिक विषयों और सामाजिक जागरूकता से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
पुराने विवादों का भी किया गया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने आर्य समाज और रामपाल दास से जुड़े पुराने विवादों का उल्लेख किया। 2006 में रामपाल के खिलाफ करौंथा में पहली लड़ाई लड़ी, जो आर्य समाज ने जीती थी। इसके बाद 2013 में बरवाला के अंदर रामपाल के 5 हजार लोग बंदूक लेकर बैठे थे। वो लड़ाई भी हमने जीती। अब रामपाल के खिलाफ तीसरी लड़ाई का आह्वान किया गया है।
उन्होंने कहा कि समाज सुधार और वैचारिक लड़ाई के लिए आर्य समाज लगातार प्रयास करता रहेगा। वहीं मंच से सामाजिक जागरूकता और संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
सम्मेलन में आगे की रणनीति पर चर्चा
सम्मेलन के अंत में पाखंड के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाने और भविष्य की रणनीति तैयार करने की बात कही गई। आयोजकों ने कहा कि समाज में शिक्षा, तर्क और जागरूकता के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास जारी रहेगा।
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