UP News : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के प्रसिद्ध पीतल उद्योग और उससे जुड़े कारीगरों को सम्मान देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने हस्तशिल्प के क्षेत्र में पिछले चार दशकों से योगदान दे रहे कारीगर चिरंजीलाल यादव को पद्मश्री से सम्मानित करने की घोषणा की है. यह घोषणा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की गई, जिसके बाद चिरंजीलाल यादव, उनके परिवार और पूरे मुरादाबाद शहर में खुशी की लहर दौड़ गई.
पारंपरिक दस्तकारी और जटिल नक्काशी के क्षेत्र में चार दशकों से अधिक समय तक किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया है. इस घोषणा के बाद पीतल दस्तकारों और पीतल उद्योग से जुड़े व्यापारियों ने भी केंद्र सरकार का आभार जताया है.
चिरंजीलाल यादव पद्मश्री की खबर से भावुक
गृह मंत्रालय से सूचना मिलते ही चिरंजीलाल यादव भावुक हो उठे, उन्होंने कहा, “मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि मेरा नाम भी सूची में शामिल किया गया है. मैंने कभी आवेदन किया था और फिर अपने काम में जुट गया. आज मेहनत का फल मिला है.” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं, लेकिन पद्मश्री मिलना उनके लिए अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है. इससे न सिर्फ उनके काम को, बल्कि मुरादाबाद की पीतल कला को भी देश-दुनिया में नई पहचान मिलेगी.
चिरंजीलाल यादव ने मोदी सरकार को सराहा
पीतल दस्तकार चिरंजीलाल यादव ने केंद्र की मोदी सरकार की सराहना करते हुए कहा, “मोदी सरकार जमीन से जुड़े कारीगरों और हस्तशिल्पियों को सम्मान देने का काम कर रही है. इस बार जिन अन्य हस्तशिल्पियों को भी पद्म पुरस्कार मिले हैं, वे सभी सही चयन हैं.”
उन्होंने बताया कि उनके दोनों बेटे भी इस कला में दक्ष हैं और परिवार की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. चिरंजीलाल ने अब तक हजारों स्थानीय कारीगरों को प्रशिक्षण दिया है, जिससे पीतल उद्योग से नई पीढ़ी लगातार जुड़ती जा रही है.
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