Raksha Bandhan 2026 : रक्षाबंधन का त्योहार आज देशभर में भाई-बहन के स्नेह और विश्वास के साथ मनाया जा रहा है. इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसकी लंबी उम्र व खुशहाल जीवन की कामना करती है. मान्यता है कि राखी बांधने के लिए शुभ समय और सही विधि का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है.
श्रावण पूर्णिमा के दिन राखी बांधने का सबसे उत्तम समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है. इसके अलावा दोपहर में अभिजीत मुहूर्त को भी राखी बांधने के लिए श्रेष्ठ माना गया है. यह मुहूर्त दोपहर 12:14 बजे से 1:05 बजे तक रहेगा. भद्रा रहित समय में राखी बांधना शुभ माना जाता है.
पूजा की थाली में ये चीजें जरूर रखें
राखी बांधने से पहले बहन को पूजा की थाली तैयार करनी चाहिए. इसमें राखी के साथ रोली या कुमकुम, अक्षत यानी साबुत चावल, दीपक और मिठाई रखी जाती है. आरती के लिए जरूरी सामान भी थाली में पहले से तैयार रखना चाहिए. पूजा के दौरान भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए.
तिलक के बाद दाहिनी कलाई पर बांधें राखी
पूजा की शुरुआत भाई के माथे पर रोली या कुमकुम का तिलक लगाकर करें. इसके बाद साबुत अक्षत लगाएं. फिर भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधते समय “ॐ येन बद्धो बलि राजा…” मंत्र का पाठ किया जाता है.
राखी बांधने के बाद दीपक से भाई की आरती उतारें और उसकी लंबी उम्र की कामना करें. अंत में भाई को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराएं. मान्यता है कि इस विधि से रक्षाबंधन मनाने से भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
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