
UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा शासनकाल में प्रदेश में अराजकता चरम पर थी, जबकि उनकी सरकार में कानून-व्यवस्था को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू की गई है.
लखनऊ में आयोजित वैश्विक निवेशकों और उद्यमियों के महासंगम ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ के उद्घाटन कार्यक्रम में सीएम ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया. सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 900 से अधिक दंगे हुए थे और शायद ही कोई ऐसा शहर रहा हो, जहां उस दौरान कर्फ्यू न लगा हो.
अराजकता पूरी तरह से चरम पर थी
सीएम ने कहा कि उस समय कोई भी उद्यमी, डॉक्टर या व्यापारी ऐसा नहीं था, जिसने गुंडा टैक्स से अछूत रहा हो. अराजकता पूरी तरह से चरम पर थी, युवा पलायन कर रहे थे और सरकार के पास कोई ठोस नीति नहीं थी. परिणामस्वरूप, सुरक्षा के अभाव में पहले से मौजूद उद्यम और व्यवसाय मजबूरी में प्रदेश छोड़ने को मजबूर थे.
उन्होंने कहा कि यह वही पीड़ा है, जो उत्तर प्रदेश के हर उद्यमी और व्यापारी ने उस दौर में महसूस की, जब व्यापक कर्फ्यू लगे रहते थे, अपहरण और फिरौती की घटनाएँ आम थीं. ऐसे परिस्थितियों में, जब आदरणीय प्रधानमंत्री ने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी, हमें इस चुनौती का सामना करते हुए हर नागरिक के मन में विश्वास और सुरक्षा का भरोसा पैदा करना था.
कानून के दायरे में समान कार्रवाई
सीएम योगी ने कहा कि सत्ता संभालते ही हमने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का फैसला किया, जो सभी के लिए समान रूप से लागू होगी. चाहे कोई अपना हो या पराया, अगर कोई गलत करेगा तो कानून उसके लिए बराबर रहेगा, और माफिया एवं अपराधियों के लिए कोई ढील नहीं होगी. उन्होंने बताया कि हमने कार्रवाई एक-एक करके शुरू की और प्रयास यह रहा कि यह सब कानून के दायरे में रहते हुए किया जाए. लेकिन जब सामने वाला कानून से डरता नहीं, तो उसे कानून के दायरे में लाकर समझाना और कार्रवाई करना तात्कालिक परिस्थितियों की मांग बन जाती है.
अपराधियों से निपटने में पुलिस की तैयारी
सीएम योगी ने कहा कि कई बार लोग सवाल उठाते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई, उन्होंने कहा कि अगर पुलिस गोली नहीं चलाएगी, तो क्या वह खुद गोली खाएगी? ये दोनों बातें एक साथ नहीं हो सकतीं. सीएम ने कहा कि अगर किसी अपराधी को गोली चलाने की आजादी है, तो पुलिस को भी इसलिए हथियार दिए गए हैं ताकि वह उसका मुकाबला कर सके. इसके लिए पुलिस को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर अपराधियों से उसी भाषा में निपटा जा सके, जिसे वे समझते हैं.
उत्तर प्रदेश बना निवेश और सुरक्षा का मॉडल
सीएम ने कहा जब उसे उसी भाषा में समझाया गया तो पिछले नौ वर्ष में बड़े-बड़े ङत्योहार हो रहे है सारे सकुशल संपन्न हो रहे हैं. कहीं कोई शांति भंग की बात नहीं करता, कहीं कोई अराजकता नहीं करता कहीं कोई फिरौती की बात नहीं करता, कहीं कोई दंगा-फसाद नहीं है. कोई गुंडा टैक्स नहीं है. आज कहीं भी इस प्रकार की स्थिति नहीं है और उत्तर प्रदेश निवेश के लिए बेहतरीन गंतव्य के तौर पर स्थापित हुआ है.
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