विश्व पर्यटन दिवस 2021: क्यों और कैसे हुई इसकी शुरूआत आइये जानते हैं-

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लाइफस्टाइल। यात्राप्रिय होना हमारे ज्ञान को विस्तार देने का एक जरिया है। साहित्यकार राहुल सांकृत्यायन ने घुमक्कड़ी पर बड़े-बड़े लेख लिखे हैं। उनके अलावा भी कई विद्वान पर्यटन को बहुत महत्व देते हैं। जो चीजें हम किताबों से नहीं सीख सकते, वो यात्रा के जरिए सीख सकते हैं।

यात्रा में प्राप्त ज्ञान आजीवन रहता है साथ

यात्रा में प्राप्त किया हुआ ज्ञान आजीवन हमारे साथ रहता है। उसे कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। इसलिए सभी को अपने बिज़ी शेड्यूल में से कभी न कभी घूमने के लिए समय जरूर निकालना चाहिए। इस यात्रा में यदि आपके साथ आपके पसंदीदा लोग भी शामिल हो जाएं, तो यात्रा का मजा दोगुना हो जाएगा, फिर चाहें वो दोस्त हो, परिवार हो या जीवनसाथी।

रोजगार के लिए खुला मंच

आज पर्यटन एक रोजगार के रूप में सामने आ चुका है। कई लोग जीवन यापन के लिए इसी पर निर्भर हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। तो आइये जानते हैं कि इस दिन की शुरुआत कैसे हुई और इसे शुरू करने का कारण क्या था-

इस दिन को मनाने का कारण

पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को देखते हुए लोगों को इस ओर आकर्षित और जागरूक करने के उद्देश्य से विश्व पर्यटन दिवस की शुरूआत की गई। इसके अलावा देश-विदेश के सैलानियों को अपनी ओर और भ्रमण करने योग्य क्षेत्रों की ओर आकर्षित करना भी इसका मकसद है। इसके जरिए पर्यटन से जुड़े छोटे व्यवसायियों, दुकानदारों, पर्यटन क्षेत्र के मकान मालिकों आदि तक रोजगार पहुंचाना भी विश्व पर्यटन दिवस का उद्देश्य है।

विश्व पर्यटन संस्था’ द्वारा की गई इसकी शुरुआत

सबसे पहले 1970 में ‘विश्व पर्यटन संस्था’ द्वारा इस दिन को मनाने की शुरुआत की गई थी। इसके बाद 27 सितंबर 1980 को पहली बार विश्व पर्यटन दिवस मनाया गया था और तब से हर साल 27 सितंबर के दिन ही विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है।