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सुप्रीम कोर्ट का आंध्र प्रदेश हत्या मामले में कड़ा रुख, प्रशासन और सत्ता के गठजोड़ पर उठाए सवाल

Andhra Pradesh Murder Case : आंध्र प्रदेश के चर्चित हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है, और राज्य की पुलिस तथा सत्ता के बीच गठजोड़ का आरोप लगाया है। इस मामले में, वाईएसआरसीपी के एमएलसी अनंथा सत्य उदया भास्कर राव पर आरोप है कि उन्होंने अपने पूर्व ड्राइवर वीधी सुब्रमण्यम की हत्या की, जो पैसों के विवाद में काकीनाडा में हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के ट्रायल को 30 नवंबर तक पूरा करने का आदेश दिया है, और मामले में किसी भी प्रकार की देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राज्य पुलिस की भूमिका पर सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे आरोपी के साथ ‘हॉबनॉबिंग’ करने के रूप में देखा। अदालत ने कहा कि जांच और ट्रायल में पारदर्शिता की आवश्यकता है, और इसे तेज़ी से चलाना चाहिए। इस दौरान जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में सत्ता और पुलिस के बीच स्पष्ट गठजोड़ का दिखावा हो रहा है, जो न्याय की प्रक्रिया में अवरोध पैदा कर रहा है।

मई 2022 की का मामला हत्या

मई 2022 में वाईएसआरसीपी एमएलसी राव के खिलाफ वीधी सुब्रमण्यम की हत्या का आरोप था। आरोप के अनुसार, यह हत्या पैसों के विवाद को लेकर की गई थी, और मृतक दलित समुदाय से था। इस मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। राव की गिरफ्तारी भी हुई थी, और इस दौरान राज्य में वाईएसआरसीपी की सरकार थी।

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने खारिज की थी याचिका

इस मामले से पहले, आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने सितंबर 2022 में राव की डिफॉल्ट बेल याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि, दिसंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी और कहा कि किसी आरोपी को अनिश्चितकाल तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई को तेज़ी से पूरा करने का निर्देश दिया है।

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