Ayodhya Ram Mandir : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को पहली बार अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह उनका पहला दौरा माना जा रहा है। अयोध्या पहुंचने पर महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष निर्मल खत्री से उनके आवास पर मिलने पहुंचे।
आस्था के अनुसार जीवन जीने का अधिकार
रामलला के दर्शन के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस में हर व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि धर्म का इस्तेमाल न तो राजनीति के लिए होना चाहिए और न ही किसी तरह के व्यवसाय के लिए। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म से जुड़ा हो—हिंदू, मुस्लिम, सिख, पारसी या ईसाई—हर किसी को अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है।
प्रभु का बुलावा पर पहुंचता है व्यक्ति
उन्होंने अपने अयोध्या दौरे को लेकर कहा, “जब प्रभु का बुलावा आता है, तो व्यक्ति अपने आप पहुंच जाता है।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रामलला के दर्शन के साथ हनुमान जी के दर्शन करना भी आवश्यक होता है।
राजनीतिक स्थिति को लेकर अलग-अलग प्रयास
वहीं, उनके इस दौरे पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह शायद अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर अलग-अलग प्रयास कर रहे हैं और यह दौरा भी उसी का हिस्सा हो सकता है।
ईरान-इजराइल तनाव का किया जिक्र
इसके अलावा, दिग्विजय सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी टिप्पणी करते हुए ईरान-इजराइल के तनाव का जिक्र किया और कहा कि वैश्विक हालात का असर आम लोगों तक दिखाई दे रहा है, खासकर ईंधन की कीमतों और उपलब्धता पर।
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